Thursday , September 20 2018

केजरीवाल ने पीएम को बताया लोकतंत्र का खतरा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने ने नया सियासी मोड़ ले लिया है। एक तरफ जहां उपराज्यपाल अनिल बैजल इस धरने को तवज्जो नहीं दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शनिवार को दिल्ली पहुंचे चार राज्यों के मुख्यमंत्री ने बैठक कर उन्हें अपना समर्थन दिया है। इससे पहले भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी पूर्ण राज्य की मांग को लेकर केजरीवाल के पक्ष में अपना ट्वीट किया है।

सीएम केजरीवाल ने रविवार सुबह ट्वीट करते हुए कहा, ‘जो प्रधानमंत्री किसी राज्य में अफ़सरों की हड़ताल करवा के वहां का काम-काज ठप करता है, क्या ऐसे प्रधानमंत्री के हाथों में देश का लोकतंत्र सुरक्षित है?’शनिवार को दिल्ली पहुंचकर आंध्र भवन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी ने बैठक की। वहीं, उपराज्यपाल कार्यालय में धरने पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए औपचारिक चिट्ठी के जरिए इजाजत भी मांगी। 

वहीं, आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि अरविंद केजरीवाल से किसी को नहीं मिलने दिया जा रहा है। केजरीवाल से चारों राज्यों के मुख्यमंत्री की मुलाकात को लेकर एलजी ऑफिस से खबर लिखे जाने तक कोई सूचना नहीं मिल पाई। देर रात चारों राज्यों के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे और उनके परिजनों से बातचीत की। एलजी हाउस जाकर वहां पर केजरीवाल से मुलाकात भी संभव है। सूत्रों के मुताबिक, सभी मुख्यमंत्री एलजी से केजरीवाल की मांगें मानने को लेकर अपील या मार्च कर सकते हैं।  

पीएम पर आरोप  

आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि बिना प्रधानमंत्री के इशारे के दिल्ली के उपराज्यपाल चार राज्यों के मुख्यमंत्री को अरविंद केजरीवाल से मिलने से नहीं रोक सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनिवास कोई राजा का घर नहीं है, आम जनता के पैसे से ही संचालित होता है। उधर, राजनिवास से चार राज्यों के मुख्यमंत्री से अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के संबंध में किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई है।

सीएम केजरीवाल का ट्वीट

मुझे नहीं लगता कि चारों राज्यों के मुख्यमंत्री को एलजी ऑफिस से मिलने की इजाजत मिलेगी। एलजी ऑफिस पीएमओ के इशारे पर सभी निर्णय ले रहा है। राजनिवास किसी की निजी संपत्ति नहीं है।  

एफआईआर पर केजरीवाल की प्रतिक्रिया  

एलजी ऑफिस से सीएम केजरीवाल के खिलाफ कराई गई एफआईआर को लेकर उन्होंने ट्वीट में कहा कि वे किसी को भी काम करने से रोक नहीं रहे हैं।  
    
दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है : केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में एक तरह से राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। क्योंकि यहां आईएएस अधिकारियों की हड़ताल चल रही है। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि आईएएस अधिकारियों की हड़ताल के माध्यम से दिल्ली में एक तरह से राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्र लिखकर अपील की थी कि वह आईएएस अधिकारियों की हड़ताल समाप्त कराएं ताकि वह रविवार को नीति आयोग में होने वाली बैठक में शामिल हो सकें। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर अधिकारी उनके साथ बैठकों में भाग नहीं ले रहे हैं। उधर, आईएएस अधिकारी संघ लगातार इस बात का दावा कर रहा है कि कोई भी अधिकारी हड़ताल पर नहीं है।

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