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दौड़ने से होता है दिमाग पर सकारात्मक असर

सेहत के लिए दौड़ के फायदों से तो आप वाकिफ ही होंगे. सेहतमंद जिंदगी के करीब ले जाती है दौड़. दौड़ने से पूरे शरीर की कसरत होती है. दिल बेहतर काम करता है. टांगों की मांसपेशियों को ताकत मिलती है और वजन कम करने में भी दौड़ मददगार होती है. साथ ही रक्तचाप नियंत्रित रहता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होता है. और भी तमाम फायदे हैं जिन्हें दौड़ के जरिये हासिल किया जा सकता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि दौड़ हमारे मस्तिष्क की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी करती है. 

दौड़ने से हमारा दिल और फेफड़े बेहतर काम करते हैं. एक महत्त्वपूर्ण शोध ने दौड़ने और जवां मस्तिष्क के बीच की कड़ी ढूंढ निकाली है. इसमें कहा गया है कि कड़े कार्डियोवस्कुलकर व्यायाम करने से रक्त में अधिक मात्रा में ऑक्सीजन और ग्लूकोज पहुंचता है. जब आप लंबे समय तक दौड़ते हैं, तो आपको इसके दूरगामी लाभ प्राप्त होते हैं. सभी प्रकार के व्यायाम आपके दिमाग में अधिक ऊर्जा का निर्माण करते हैं. शोधकर्ताओं ने पाया है कि एरोबिक्स से जुड़े व्यायाम दिमागी कसरत से अधिक लाभकारी होते हैं.

कुछ दिनों की दौड़ से ही मस्तिष्क में सैकड़ों-हजारों नयी कोशिकाओं का निर्माण हो जाता है. इससे मस्तिष्क की कार्यक्षमता में इजाफा होता है. साथ ही आपकी याद्दाश्त पर भी सकारात्मक असर होता है. इससे आप डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसे याद्दाश्त संबंधी रोगों से बचे रह सकते हैं. पीएनएएस ने वर्ष 2010 में चूहों पर एक अध्ययन किया. इसमें पाया गया कि जो चूहे अधिक दौड़ते हैं उनकी रंगों और आकार को पहचानने की क्षमता बेहतर होती है. इससे पहले मनुष्यों पर किये गये इसी प्रकार के शोध के परिणाम भी कुछ ऐसे ही आए थे. इसमें कहा गया था कि दौड़ से एकाग्रता में भी इजाफा होता है.

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