Tuesday , December 11 2018

भारतीय रेलवे का बड़ा ऐलान, महिलाओं को हर कोच में मिलेगी ये ‘स्पेशल सुविधा’

महिलाओं के लिए ट्रेन का सफर आसान और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रेलवे बड़ा कदम उठाने जा रहा है. रेलवे महिलाओं की कई नई सुविधाएं देगी. इन सुविधाओं से महिलाओं का सफर आसान हो जाएगा. यही नहीं ट्रेन में होने वाली छेड़छानी से भी महिलाओं को छुटकारा मिल जाएगा. रेल मंत्रालय ने पिछले दिनों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया है. ट्रेनों में महिलाओं के साथ छेड़खानी और अन्य परेशानियों के तुरंत समाधान के लिए रेल मंत्रालय ट्रेन के हर महिला डिब्बे में एक ‘पैनिक बटन’ लगाएगा, जिसे संकट के समय में दबाने पर डिब्बे में ही उन्हें तत्काल मदद मुहैया कराई जाएगी.

गार्ड कोच से लिंक होगा पैनिक बटन
एनईआर के पीआरओ संजय यादव के मुताबिक, महिलाओं के साथ ट्रेनों में जिस तरह से घटनाएं हो रही हैं उसके लिए पैनिक बटन लगाए जाने की तैयारी चल रही है. कोचों में लगे इस पैनिक बटन को गार्ड के कोच से लिंक किया जाएगा. यह पैनिक बटन कोच में लगे इलेक्ट्रिक स्विच के ऊपर लगाया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं उसे आसानी से प्रयोग कर सकें.

अब बीच में होंगे महिला कोच
रेल मंत्रालय अब महिला कोच को सुरक्षित बनाने के लिए इन्हें ट्रेन के आखिरी में नहीं बल्कि बीच में लगाएगा. ट्रेनों में महिला सुरक्षा के लिए कदम उठाने की खातिर एक कमिटी बनाई गई थी. सूत्रों ने बताया कि इस कमिटी ने भी नई नीतियों को मंजूरी दे दी है.

लंबी दूरी वाली ट्रेनों में हो शुरुआत
सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल लंबी दूरी की ट्रेनों में पैनिक बटन की सुविधा दी जाएगी. इसके बाद धीरे-धीरे बाकी ट्रेनें भी जोड़ी जाएंगी. भारतीय रेलवे साल 2018 को महिला सुरक्षा के लिए समर्पित करना चाहती है. इस अभियान के तहत यह कदम उठाया जा रहा है. इन कोच में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे. इसके साथ ही सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम भी इन कोच में किए जाएंगे.

गुलाबी रंग में होंगे कोच
हालांकि, कोच के रंग को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. चर्चा है कि महिला डिब्बों को गुलाबी रंग से रंगा जाएगा. क्योंकि, रेलवे महिलाओं से जुड़े रंग से ही इसे रंगने पर विचार कर रही है. महिला कोच ट्रेन के अंत में लगाए जाते हैं. इससे कई बार ये कोच अंधेरी जगहों पर खड़े हो जाते हैं. इसके चलते कई दफा महिलाएं इनसे सफर करने से बचती हैं. इसको देखते हुए ही भारतीय रेलवे ने इन्हें बीच में रखने का फैसला लिया है

E-Paper

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com