Tuesday , October 16 2018

लायन सफारी की दवाइयों से होगा ‘गुजरात के शेरों का इलाज

लायन सफारी की दवाइयों से होगा गुजरात के बीमार शेरों का इलाज। गुजरात में जूनागढ़ जिले के नेशनल गिर फॉरेस्ट में कैनिन डिस्टेम्पर बीमारी के प्रकोप से 20 दिनों के अंदर 24 शेरों की मौत चुकी है। गुरुवार को इटावा सफारी से रीकॉम्बिनेटेंट फेरेट कैनिन डिस्टेम्पर वैक्सीन के 200 डोज भेजे गए हैं। साथ ही वैक्सीन को लगाने के लिए टीम के कुछ सदस्य गए हैं। 

2014 से 2016 के बीच इटावा लायन सफारी में कैनिन डिस्टेम्पर से छह शेर व पांच शावकों की मौत हो गई थी। काफी प्रयासों के बाद अमेरिका से लायी गई रीकॉम्बिनेटेंट फेरेट कैनिन डिस्टेम्पर वैक्सीन से शेरनी कुंवारी को बचाया जा सका था। उसके बाद से लायन सफारी प्रबंधन ने अमेरिका से वैक्सीन के तीन सौ डोज का स्टॉक मंगवाया था। सफारी के डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि जूनागढ़ के नेशनल गिर फॉरेस्ट में कैनिन डिस्टेम्पर बीमारी के फैलने से 20 दिनों में 24 शेरों की मौत हो गई।

सूचना मिलने पर 28 सितंबर को सफारी के डॉक्टरों की टीम को गिरि फॉरेस्ट में भेजा गया। जांच के बाद शेरों में कैनिन डिस्टेम्पर बीमारी पुष्टि हुई। टीम ने 10 शेरों का टीकाकरण किया। उसके बाद सफारी से 200 डोज दवाइयों के भेजे गए हैं। इन डोजों का टीकाकारण 21-21 दिन में तीन बार किया जाना है।  

नेशनल गिरि फॉरेस्ट में 550 शेरों का बेड़ा

लायन सफारी की दवाइयों से होगा गुजरात के बीमार शेरों का इलाज
कैनिन डिस्टेम्पर बीमारी के लक्ष्ण
डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि कैनिन डिस्टेम्पर बीमारी के अटैक से सबसे पहले शेरों के पिछले पैरों में लकवा मार जाता है। उसका वजन गिरने लगता है। उसके बाद तेज बुखार आने से उनकी किडनी और लीवर फेल हो जाता है। इसके बाद शेर की मौत निश्चित है। इस बीमारी से बचने का सिर्फ एक उपाय है। शेरों को रीकॉम्बिनेटेंट फेरेट कैनिन डिस्टेम्पर वैक्सीन के टीकाकरण किया जाए। 

सफारी डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि देश में शेर सिर्फ गुजरात के जूनागढ़ के गिरि फॉरेस्ट में हैं। यहां पर शेरों की संख्या करीब 550 के करीब है। जहां से देश भर के चिड़ियाघर में शेरों को भेजा जाता है। सफारी में सारे शेर जूनागढ़ से आए हैं। अभी तक इनकी संख्या पौने छह सौ के करीब हुआ करती थी। लेकिन 20 दिन में 24 शेरों की मौत से संख्या कम हो गई।  

प्रदेश के चिड़ियाघर के शेरों के लिए मंगवाया था स्टॉक
सफारी डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने चिड़ियाघरों में रहने वाले शेरों के इलाज के लिए वैक्सीन का स्टॉक अमेरिका से मंगवाई गई थी। करीब साढ़े चार लाख रुपये की 300 डोज वैक्सीन आई थी। 200 डोज भेजने के बाद वैक्सीन का स्टॉक समाप्त हो गया है। अगर इसके बाद जरूरत पड़ती को दोबारा से अमेरिका से वैक्सीन का डोज मंगवाकर दिया जाएगा। 

आदमखोर तेंदुए कार्तिक की हालत में सुधार 

लायन सफारी की दवाइयों से होगा गुजरात के बीमार शेरों का इलाज
15 नवंबर तक गिरि फारेस्ट से लाये जाएंगे तीन शेर
डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि 15 नवंबर तक लायन सफारी में गिर फॉरेस्ट से तीन शेरों को लाए जाने की सहमति बन गयी है। इसमें दो मादा और एक नर शेर होगा। गुजरात सरकार के सहयोग से शेरों को इटावा लायन सफारी में भेजने की सहमति बन गई। 

बहराइच के पतरनिया घाट से पकड़कर लायन सफारी में भेजा गया आदमखोर तेंदुआ कार्तिक की 20 दिनों से तबीयत खराब चल रही है। तेज बुखार से खाना-पीना छोड़ दिया था। वजन तेजी से घटना शुरू हो गया था। इसको लेकर सफारी प्रशासन के चिंता के भाव बढ़ गए। कार्तिक को सफारी के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि कार्तिक की तबीयत में सुधार है। कार्तिक ने खाना पीना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक पूरा भोजन ग्रहण नहीं कर पा रहा है। बहराइच में उसने हमला करके एक लड़की को मार डाला था। इसी वजह से उसको अलग बाड़े में बंद किया गया है। उसके घूमने टहलने के वक्त भी अकेले रखना पड़ता है। जलवायु बदलने से कार्तिक का स्वास्थ्य गिरने लगा। एक समय ऐसा लगा कि उसकी मौत हो जाएगी लेकिन अब उसकी तबीयत में काफी सुधार है। 

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