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केजीएमयू में मां शारदा और भगवान धनवंतरी की प्रतिमा स्थापित करना आस्था के साथ पर्यावरण का भी विषय : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

• मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू में ‘मां शारदालय’ मंदिर का लोकार्पण किया

• गोमती को निर्मल और अविरल बनाने के लिए सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लोगों को भी जागरुक होकर सहयोग करना चाहिए

लखनऊ, 15 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में मां शारदालय मंदिर का लोकार्पण किया और प्रांगण में रूद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जल ही जीवन है। जिससे जल की शुद्धता को लेकर हम सभी को जागरुकता के साथ प्रयास करना चाहिए। जल की निर्मलता बचाने के लिए केजीएमयू का यह अभिनव प्रयास है। मां शारदा की प्रतिमा और मंदिर के साथ अरोग्यता के देवता भगवान धनवंतरी की प्रतिमा की स्थापना की गई। यह आस्था के साथ-साथ पर्य़ावरण का भी विषय है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केजीएमयू में हर वर्ष बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान सभी छात्र, छात्राएं, शिक्षक मां सरस्वती की पूजा करते हैं। बसंत पंचमी के दिन यहां हर साल सरस्वती जी की प्रतिमा लगाई जाती थी, जिसे बाद प्रतिमा को गोमती नदी में विसर्जित किया जाता था। जिससे गोमती का जल प्रदूषित होता था, केजीएमयू द्वारा अब यहां स्थायी तौर पर मां शारदा की प्रतिमा स्थापित की गई है। जिसका फायदा गोमती को भी होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे परियोजना के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि बाढ़ के दौरान वे एनडीआरएफ के जवानों के साथ गंगा जी में भ्रमण कर रहे थे। उस दौरान जवानों ने बताया कि चार साल पहले तक जब गंगा जी में प्रैक्टिस करते थे, उनके शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते थे। लेकिन आज गंगा जी निर्मल हुई है। जिससे एनडीआरएफ के जवान बीमारी से बच गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नमामि गंगे के माध्यम से गंगा जी को निर्मल और अविरल किया गया है। प्रयागराज कुंभ इसका सफल उदाहरण है। इसके लिए हम लोगों को बहुत कुछ करना पड़ा है। कानपुर में प्रतिदिन 140 एमएलडी सीवर गिरता था। गंगा इतनी प्रदूषित हो गई थी कि जलीय जीव नहीं बचे थे। हमारी सरकार ने इस नाले को बंद कर एसटीपी में डायवर्ट किया। वह पानी गंगा जी में नहीं गिरने दिया गया। उसे सिंचाई के लिए खेतों में उपयोग किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप कानपुर में आज गंगा जी निर्मल हुई हैं, आज वहां जलीय जीव हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोमती नदी को निर्मल और अविरल बनाने के लिए लखनऊ के लोगों को प्रयास करना चाहिए। सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लोगों को भी जागरुक होना होगा। जिससे हम गोमती नदी को उसके पुराने स्वरूप में ला सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ मिशन का अभियान चलाया। इससे बीमारी कम हुई है। उन्होंने कहा कि आप लोगों को पता होगा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस महामारी बन गई थी। लेकिन स्वच्छ मिशन के माध्यम से हमारी सरकार ने सफाई और जागरुकता का वृहद अभियान चलाया। इसके सकारात्मक परिणाम हम सबके सामने हैं। आज गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस के मामले में भारी कमी आई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केजीएमयू उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश का प्रमुख चिकित्सा शिक्षा का केंद्र है। स्वाभाविक रूप से स्वास्थ्य के प्रति केजीएमयू के लोगों की जागरुकता किसी सामान्य नागरिक से बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अरोग्यता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उसके कारण और निवारण दोनों के बारे में जानना महत्वपूर्ण होता है। इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पद्मविभूषण डॉ वीरेंद्र हेगड़े समेत कई विशिष्ट लोग मौजूद थे।

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