उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सांस्कृतिक हब

संत रविदास संग्रहालय एवं संत कबीर संग्रहालय के लिए 25-25 करोड़ रुपए का प्रावधान

देश में अपनी तरह की अभिनव ऑन लाईन एकीकृत मन्दिर सूचना प्रणाली विकसित की जायेगी

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की प्राचीन संस्कृति और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए योगी सरकार संकल्पित रही है। वर्ष 2022-23 के राज्य बजट में किये गए प्रावधानों से इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता नज़र आती है।

सरकार ने बजट प्रस्तावों में वाराणसी में संत रविदास संग्रहालय एवं सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना के लिय 25 करोड़ रूपये तथा संत कबीर संग्रहालय की स्थापना हेतु 25 करोड़़ रूपये की व्यवस्था की गयी है।

इसके अलावा जनजातीय संग्रहालयों के निर्माण हेतु 60 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है।
बजट में संग्रहालयों की स्थापना, निर्माण, विस्तार एवं उन्नयन हेतु 20 करोड़ रूपये की योजनाएं प्रस्तावित हैं

बजट में राम जन्‍म भूमि मन्दिर, अयोध्‍या धाम तक पहुँच मार्ग के निर्माण हेतु 300 करोड रूपये, अयोध्या में जनसुविधाओं के विकास तथा पार्किग के निर्माण हेतु 209 करोड़ 70 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त वाराणसी में निर्मल गंगा तट से काशी विश्वनाथ धाम तक के पहुँच मार्ग के विस्तारीकरण हेतु 77 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित है। 

देश में अपनी तरह की अभिनव योजना में प्रदेश में ऑन लाईन एकीकृत मन्दिर सूचना प्रणाली विकसित की जायेगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर बेवसाइट का निर्माण एवं सूचनाओं के एकत्रीकरण हेतु 50 लाख रूपये की व्‍यवस्‍था प्रस्‍तावित है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper