पंजाब में शिअद के बागी टकसाली नेताओं ने रविवार को नई पार्टी का गठन कर लिया

 शिरोमणि अकाली दल के बागी टकसाली नेताओं ने रविवार को नया अकाली दल बना लिया। रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा को सर्वसम्‍मति से इसका अध्‍यक्ष बनाया गया है। गुरुनगरी अमृतसर में रविवार को हुए सम्‍मेलन में नई पार्टी की घोषणा की गई। सम्‍मेलन में काफी संख्‍या में टकसाली नेताओं के समर्थक जुटे।

बता दें कि टकसाली नेताओं ने पिछले दिनों शिअद नेतृत्‍व से बगावत कर दी थी और इसके बाद उनको पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद इन नेताओं ने नई अकाली दल के गठन का ऐलान किया था। रविवार को टकसाली नेताओं के नेतृत्‍व में उनके समर्थक काफी संख्‍या में श्री अकाल तख्‍त साहिब के परिसर में पहुंचे और वहां अरदास की।

श्री अकाल तख्‍त पर जमा हुए टकसाली नेता और उनके समर्थक।

इसके बाद नए अकाली दल के गठन की घोषणा की गई। श्री अकाल तख्‍त साहिब परिसर में रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा मनमोहन सिंह पटियाला, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा, अमरपाल सिंह बोनी अजनाला समेत कई टकसाली नेता मौजूद थे। वहां अरदास करने के बद सभा शुरू हुई। इसमें टकसाली नेताओं ने शिअद नेतृत्‍व पर निशाना साधा।

इस दौरान एक प्रस्‍ताव पास कर नेताओं ने मांग की, कि बरगाड़ी कांड के दोषियों और बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। नेताओं ने श्‍ािअद नेतृत्‍व पर जमकर हमला किया अौर नया दल बनाने की जरूरत बताई। उन्‍होंने दावा किया कि नया अकाली दल सिखों की उम्‍मीदों को पूरा करेगा और उनको सही प्रतिनिधित्‍व देगा।

नए अकाली दल की घोषणा के बाद बागी टकसाली नेता।

इसके बाद नए अकाली दल के गठन की घोषणा की। सेवा सिंह  ने नए दल के अध्यक्ष के लिए रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा का नाम पेश किया। डॉ. रतन सिंह और पूर्व विधायक उजागर सिंह सहित अन्‍य नेताओं ने इसका समर्थन किया। इसके बाद ब्रह्मपुरा को सर्वसम्‍मति से नए अकाली दल का अध्यक्ष चुन लिया गया।

अध्यक्ष चुने जाने के बाद ब्रह्मपुरा को अकाल तख्त के बाहर नेताओं ने सिरोपा और तलवार देकर सम्मानित किया।  रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि 1920 वाले अकाली दल के संविधान को लागू किया जाएगा। नया अकाली दल डेमोक्रेटिक और सेकुलर होगा। नया अकाली दल सभी के भले के लिए काम करेगा। गुरु साहिब की मर्यादाओं को लागू किया जाएगा और मर्यादा का उल्लंघन नहीं होने देंगे। ब्रह्मपुरा ने कहा कि पूरे राज्‍य में गुरुद्वारों को बादलों के कब्जे से मुक्त कराएंगे। बादलों के अकाली दल को अब संगत नहीं मानेगी। ब्रह्मपुरा ने नए दल का नाम अकाली दल टकसाली रखने का ऐलान किया।

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