पूर्व US खुफिया एजेंट ने सद्दाम हुसैन को लेकर किये कई खुलासे

ami-saddamपूर्व US खुफिया एजेंट जॉन निक्सन ने इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को लेकर कई खुलासे अपनी पुस्तक में किए हैं  एजेंट जॉन निक्सन ने अपनी किताब में लिखा कि “सद्दाम हुसैन ने कहा था कि अमेरिका इराक में विफल होगा। इराक के इतिहास को जाने बिना इस पर शासन करना इतना आसान नहीं है”।

जॉन निक्सन वह खुफिया एजेंट थे जिन्होंने सद्दाम हुसैन की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की थी। उनकी किताब के कुछ अंशों को इंग्लैंड के ‘डेली मेल’ ने अपने ऑनलाइन एडिशन में जगह दी है।

निक्सन ने लिखा है कि जब उसने सद्दाम हुसैन से उनकी बेटी के बारे में पूछा तो सद्दाम हुसैन ज्यादा भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू थे। वह कांपते हुए बोले कि वह अपनी बेटियों से बहुत ज्यादा प्यार करते थे और बेटियां भी उन्हें बहुत प्यार करती थीं। वह उनकी कमी बहुत महसूस कर रहे हैं। 

सद्दाम हुसैन ने खुफिया एजेंट से कहा “अमेरिकी अज्ञात गुंडे हैं जो इराक के बारे में कुछ नहीं जानते हैं लेकिन फिर भी इराक को नष्ट करने में लगे हुए हैं।” उसने कहा कि इराक आतंकवादी राष्ट्र नहीं है।

जॉन निक्सन ने अपनी किताब में लिखा है कि अपने शासन के आखिरी दौर में सद्दाम हुसैन को पता नहीं था कि इराक में क्या हो रहा था।उनको यह भी पता नहीं था कि उनकी सरकार क्या कर रही है।इराक को बचाने के लिए उनके पास कोई सही योजना नहीं थी।

निक्सन ने लिखा है कि सद्दाम विश्वास करता था कि 911 के हमले के बाद इराक और अमेरिका एक-दूसरे के करीब आएंगे और रूढ़िवादी तत्वों के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।

निक्सन ने लिखा है कि जॉर्ज बुश ने अपनी जीवनी में लिखा था कि इराक पर दी गई गलत खुफिया रिपोर्ट को लेकर वह सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के कर्मशील अफसरों की कभी आलोचना नहीं करेंगे, लेकिन बुश ने ऐसा किया। जो भी गलती हुई थी उसे लेकर उन्होंने सेंट्रल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट को जिम्मेदार ठहराया। निक्सन ने यह भी लिखा है कि राष्ट्रपति बुश सिर्फ वही सुनना चाहते थे जो उन्हें पसंद था।

 जॉन निक्सन ने इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को लेकर कई खुलासे अपनी पुस्तक में किए हैं  एजेंट जॉन निक्सन ने अपनी किताब में लिखा कि “सद्दाम हुसैन ने कहा था कि अमेरिका इराक में विफल होगा इराक के इतिहास को जाने बिना इस पर शासन करना इतना आसान नहीं है”।

जॉन निक्सन वह खुफिया एजेंट थे जिन्होंने सद्दाम हुसैन की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की थी। उनकी किताब के कुछ अंशों को इंग्लैंड के ‘डेली मेल’ ने अपने ऑनलाइन एडिशन में जगह दी है।

निक्सन ने लिखा है कि जब उसने सद्दाम हुसैन से उनकी बेटी के बारे में पूछा तो सद्दाम हुसैन ज्यादा भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू थे। वह कांपते हुए बोले कि वह अपनी बेटियों से बहुत ज्यादा प्यार करते थे और बेटियां भी उन्हें बहुत प्यार करती थीं। वह उनकी कमी बहुत महसूस कर रहे हैं।

सद्दाम हुसैन ने खुफिया एजेंट से कहा “अमेरिकी अज्ञात गुंडे हैं जो इराक के बारे में कुछ नहीं जानते हैं लेकिन फिर भी इराक को नष्ट करने में लगे हुए हैं।” उसने कहा कि इराक आतंकवादी राष्ट्र नहीं है।

जॉन निक्सन ने अपनी किताब में लिखा है कि अपने शासन के आखिरी दौर में सद्दाम हुसैन को पता नहीं था कि इराक में क्या हो रहा था।उनको यह भी पता नहीं था कि उनकी सरकार क्या कर रही है। इराक को बचाने के लिए उनके पास कोई सही योजना नहीं थी।

निक्सन ने लिखा है कि सद्दाम विश्वास करता था कि 9/11 के हमले के बाद इराक और अमेरिका एक-दूसरे के करीब आएंगे और रूढ़िवादी तत्वों के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।

निक्सन ने लिखा है कि जॉर्ज बुश ने अपनी जीवनी में लिखा था कि इराक पर दी गई गलत खुफिया रिपोर्ट को लेकर वह सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के कर्मशील अफसरों की कभी आलोचना नहीं करेंगे, लेकिन बुश ने ऐसा किया। जो भी गलती हुई थी उसे लेकर उन्होंने सेंट्रल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट को जिम्मेदार ठहराया। निक्सन ने यह भी लिखा है कि राष्ट्रपति बुश सिर्फ वही सुनना चाहते थे जो उन्हें पसंद था।

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