प्रभात फेरी, गांवों, ब्लाकों में संगठन तैयार कर कांग्रेस संवारने में जुटी प्रियंका

विश्ववार्ता ब्यूरो

लखनऊ

कभी महात्मा गांधी के आह्वान पर कांग्रेसी कार्यकर्त्ता हर सुबह गीत गाते हुए प्रभात फेरी निकाल जनता को जगाते थे और आज दशकों बाद फिर वहीं यूपी में दिख रहा है।

यूपी में पस्त पड़ी कांग्रेस में जान फूंकने में जुटी प्रियंका गांधी ने दशकों बाद गांवों से लेकर ब्लाकों और कस्बों में संगठन खड़ा कर दिया है। शहरों से लेकर गावों तक सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्त्ता इन दिनों तिरंगा लेकर गीत गाते हुए प्रभात फेरी निकाल रहे हैं। ब्लाक और न्याय पंचायत स्तर के कार्यकर्त्ताओं का प्रशिक्षण शिविर आयोजित हो रहे हैं जिसे खुद प्रियंका गांधी संबोधित कर रही हैं।

महात्मा गांधी के आह्वान पर शुरु हुयी प्रभातफेरी की परंपरा की एक बार फिर से यूपी कांग्रेस ने अपनायी है। अचानक से बिना चुनाव सड़कों-गलियों में नौजवान आओ रे, नौजवान गाओ रे का गीत गाते हुए सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्त्ता नजर आ रहे हैं। खुद प्रियंका गांधी जमीनी कार्यकर्त्ताओं से संवाद कर रही हैं।

दरअसल लोकसभा चुनावों से चंद रोज पहले यूपी कांग्रेस की प्रभारी बनाई गयी प्रियंका गांधी ने उम्मीद से कहीं कमतर प्रदर्शन के बाद बीमारी की जड़ पहचान इलाज शुरु किया। संगठन की मजबूती, गांवों, कस्बों व शहरों में कांग्रेस का कैडर खड़ा करने की कवायद शुरु की गयी। बीच बीच में खुद प्रियंका गांधी सोनभद्र, उन्नाव, हाथरस जैसे मामलों में सड़कों पर पस्त कार्यकर्त्ताओं में जोश भरती रहीं।

य़ूपी में लगभग 40 साल के बाद कांग्रेस ने न्याय पंचायत स्तर पर संगठन खड़ा किया है तो तीन दशक के बाद ब्लाक स्तर पर संगठन बना है। यूपी कांग्रेस में मीडिया संयोजक ललन कुमार कहते हैं लखनऊ में जुग्गौर में प्रभात फेरी निकली तो सैकड़ों कार्यकर्त्ता शामिल हो गए और जनता से खुले दिल से स्वागत किया। उनका कहना है कि लोगों का उत्साह देख कर अब ये समय समय पर निकाली जाएगी और जनता में अलख जगाएंगे। वो बताते हैं कि पहली बार 30 से  ज्यादा सालों के बाद प्रदेश के स्तर पर ब्लाकों में संगठन खड़ा करने की पहल शुरु की गयी।

यूपी कांग्रेस के संगठन सचिव अनिल यादव बताते हैं कि आज पूरे प्रदेश के सभी 831 ब्लाकों में कवायद पूरी हो चुकी है। उनका कहना है कि ब्लाकों के पदाधिकारियों का पूरा ब्योरा एक क्लिक पर उपलब्ध है और महज चंद घंटों की नोटिस पर पूरे प्रदेश के सभी ब्लाक स्तर के पदाधिकारियों की बैठक हो जाती है।

अनिल यादव के मुताबिक सबसे मुश्किल काम था न्याय पंचायत स्तर पर संगठन खड़ा करना। कांग्रेस ने यूपी के 8134 न्याय पंचायतों में से 7675 में अपना संगठन बना लिया है। इन न्याय पंचायतों में जो भी पदाधिकारी बनाए गए हैं उनका वेरिफिकेशन भी कर लिया गया है। पिछले 40 सालों में पहली बार न्याय पंचायत स्तर पर संगठन बना और कांग्रेस के प्रदेश और यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी न्याय पंचायतों में पहुंच रहे हैं।

कैडर बिल्डिंग की इस कवायद का कितना लाभ कांग्रेस के आने वाले विधानसभा चुनावों में मिलेगा यहां अभी कहना मुश्किल है पर इतना जरुर है कि कम से कम जमीनी स्तर पर कार्यकर्त्ताओं की फौज खड़ी हुयी है। संगठन सचिव का कहना है कि विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों के चयन में ब्लाक से लकर न्याय पंचायत स्तर के संगठन की राय मांगी जा रही है। जिला अध्यक्षों से सीधे तौर पर खुद प्रियंका गांधी संभावित प्रत्याशियों के नाम मांग रही हैं। संभावित प्रत्याशियों के नामों पर नीचे के स्तर पर संगठन के लोगों से बात कर परीक्षण होने के बाद कुछ तय किया जाएगा।

कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि ब्लाक, न्याय पंचायत स्तर पर संगठन के बन जाने के बाद अब इंतजार है तो बस प्रियंका गांधी के यूपी में डेरा जमाने का। जिस तरह की तैयारियां चल रही हैं उससे साफ है कि इसी महीने से प्रियंका गांधी लखनऊ में जम जाएंगी और विधानसभा चुनावों तक बनी रहेंगी। नेताओं का कहना है कि प्रियंका के यूपी में मौजूद रहने से माहौल उनके पक्ष में बदलेगा और निचले स्तर पर संगठन की मौजूदगी का असर भी दिखने लगेगा।

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