बाराबंकी: सूटकेस में मिला महिला का शव, आरोपी गिरफ्तार

बाराबंकी ।  मोहम्मदपुर चौकी अन्तर्गत केवाड़ी मोड़ के पास थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी में सर्विस रोड के किनारे एक स्ट्रॉली और एक बड़े हैण्डबैग में एक अज्ञात महिला का कटा हुआ सिर, दोनों बाहें और दोनों पैर पाया गया था। पुलिस अधीक्षक बाराबंकी डॉ.अरविन्द चतुर्वेदी ने तत्काल अपने सहयोगी अधिकारियों के साथ मौका मुआयना किया। पुलिस ने घटनास्थल से मिली स्ट्रॉली, जिसमें धड़ रखा था तथा हैण्ड बैग, जिसमें कटा हुआ सिर, दोनों बाहें और कमर से नीचे तक पैर रखा था, का बारीकी से निरीक्षण किया।

आस-पास के लोगों से जानकारी करने पर भी कोई लाभप्रद जानकारी एकत्र नहीं हो सकी। वादी रामदेव पुत्र चन्द्रिका, ग्राम चौकीदार निवासी ग्राम सरथरा थाना कोतवाली नगर द्वारा दी गयी। तहरीर पर हत्या और साक्ष्य मिटाने के सम्बन्ध में अज्ञात पंजीकृत हुआ। पुलिस की प्रक्रिया के अनुसार मृतका के क्षत-विक्षत शव को जोड़कर उसे आकार दिया गया और उस चित्र को जनपद तथा आस-पास के जनपदों के सभी सोशल मीडिया ग्रुप पर पहचान के लिये भेजा गया। विभिन्न थाना क्षेत्रों से प्राप्त सूचना के आधार पर परिजनों को बॉडी दिखाते हुये पहचान का प्रयास किया गया, किन्तु कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला।

स्ट्रॉली और बैग में बॉडी को ठीक से रखने के लिये काफी कपड़ों का इस्तेमाल किया गया था। उनमें से एक पैण्ट की जेब से जनेश्वर मिश्र पार्क के 03 टिकट बरामद हुये। इस लोमहर्षक घटना के अनावरण के लिये पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं के पर्यवेक्षण में कार्य करने हेतु अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आर.एस. गौतम के नेतृत्व में एक विशिष्ट कार्यदल (एसआईटी) का गठन किया गया।

जिसके अन्तर्गत तीन टीमें बनायी गईं। प्रथम पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में भौतिक साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा था। द्वितीय पुलिस टीम द्वारा आस-पास के जनपदों के विभिन्न थानों में जाकर महिला के सम्बन्ध में दर्ज गुमशुदगी विवरण निकाला जा रहा था। तृतीय पुलिस टीम में सर्विलान्स/स्वाट टीम द्वारा घटना से सम्बन्धित डिजिटल डेटा आदि का एनालिसिस किया जा रहा था।

प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर ने उस क्षेत्र में एक समर्पित टीम लगायी, जिसने स्थानीय लोगों से बातचीत करके ज्ञात किया कि उक्त मकान को किसी व्यक्ति ने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व खरीद लिया है। लोगों ने यह भी बताया कि इस मकान में संदिग्ध गतिविधियां हुआ करती हैं। इससे टीम को और अधिक विश्वास हो गया कि बाराबंकी में मिली महिला की लाश का इस घर से सीधा सम्बन्ध है। स्थानीय एवं उक्त मकान के बिजली बिल में पाये गये नम्बर के आधार पर मकान के पूर्व मालिक रिजवाना के बारे में और अधिक जानकारी विकसित की गयी। उक्त मकान के वर्तमान धारक समीर उपरोक्त के रहने की पुष्टि हुई। मोहल्ले के निवासियों और मकान के पूर्व स्वामी से जुटाई गयी।

जानकारी की जिसके विश्लेषण से समीर का मोबाइल लोकेशन बीती 05 जुलाई को रात सफेदाबाद केवाड़ी मोड़ चौकी मोहम्मदपुर के आस-पास पाया गया, जहां उक्त शव के टुकड़े बैग और स्ट्रॉली में बरामद हुये थे। समीर का फोन बलरामपुर तक गया और फिर बन्द हो गया। सर्विलान्स सेल प्रभारी उ.नि. मुन्ना कुमार ने मोबाइल नम्बरों के गहन विश्लेषण से समीर का नया नम्बर निकाल लिया। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार समीर का उक्त घटना में पूरी तरह से सम्मिलित होना प्रमाणित हो गया

पुलिस अधीक्षक  डॉ.अरविन्द चतुर्वेदी ने तत्काल मुम्बई पुलिस से सम्पर्क किया और केस से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सूचनायें की। डिजिटल अभिसूचना के अनुसार आरोपी नेपाल भागने की योजना बना रहा था, जिससे 6-7 महीनों में केस पुराना हो जाये और वह उसके बाद ही वापस लौटे। प्र.नि.कोतवाली नगर पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मुंशी पुलिया इन्दिरानगर लखनऊ से अभियुक्त को समय 01.15 बजे गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त ने बताया कि वह मूल रूप से बलरामपुर का रहने वाला है, किन्तु बचपन से ही लखनऊ में रहा है और पांचवी तक पढ़ा है। उसने बताया 2005 में मुम्बई चला गया और बान्द्रा के चिकन शॉप में चिकन काटने का काम करने लगा।

इस दौरान उसने काफी पैसा इकट्ठा किया और अपना स्टेटस बढ़ाने के नाम पर एक कार खरीदी। इसी दौरान वर्ष 2015-16 के आस-पास उसकी मुलाकात मालन बादशाह शेख उर्फ आयशा पुत्री बादशाह शेख निवासी अम्बेडकरनगर टाटा वसहत मार्ग भारत नगर मुम्बई से हुई और उनका प्रेम सम्बन्ध हो गया। नवम्बर 2017 में समीर और मालन ने बिना घर वालों को बताये हुये कोर्ट मैरिज कर ली। मालन बाम्बे यूनिवर्सिटी से बी.काम व डीबीए कर चुकी थी। वर्तमान में वह सहारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बाम्बे के केएफसी स्टोर में काम कर रही थी। इसके पूर्व वह थ्रेवोमा के.के.शॉप चर्च गेट बाम्बे में सेल्समैन थी। धीरे-धीरे मालन के घर वालों को इस विवाह की जानकारी हो गयी और उन्होंने यह विवाह स्वीकार कर लिया।

लॉकडाउन के दौरान समीर का मुम्बई में धंधा ठप हो गया और वह अकेले अपने गांव बलरामपुर आ गया। मालन ने लखनऊ आने की जिद की तो समीर उपरोक्त ने उसका फ्लाइट से लखनऊ आने का टिकट निकलवाया, किन्तु फ्लाइट कैंसिल हो गयी। उसके बाद समीर जब भी मालन को फोन मिलाता तो फोन व्यस्त रहता था। समीर को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक होने लगा। समीर ने दिनांक-24/25 जून, 2020 को पुष्पक ट्रेन से मालन को लखनऊ बुलाया और इन्दिरानगर स्थित आवास पर ले गया। यहां आकर मालन अपने पति समीर से उसके पैतृक गांव गुलहरिया बलरामपुर ले चलने की जिद करने लगी। उसे नहीं मालूम था कि समीर ने लगभग 03 वर्ष गुजर जाने के बाद भी अपने घर पर इस शादी के बारे में नहीं बताया था।

उधर समीर को लगातार मालन के चरित्र पर शक हो रहा था। समीर ने पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती हो गयी थी। शक के कारण ही उसने बीते मार्च माह में विरार मुम्बई में उसका गर्भपात करा दिया था। पूछताछ के दौरान समीर ने बताया कि 5 जुलाई को सवेरे इन्हीं सब बातों को लेकर कहासुनी और मारपीट हुई और गुस्से में आकर मैने मालन के सिर पर घर में रखी एक लोहे की राड से वार कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गयी और उसके मुंह से खून निकलने लगा। लगभग डेढ़ घण्टे बाद उसे लगा कि वह मर चुकी है।

उसके बाद समीर इन्दिरानगर की एक दुकान पर गया, जहां से उसने मुर्गा काटने का एक धारदार चाकू और चापड़ खरीदा। घर वापस आकर उसने अपनी मृत पत्नी के दोनों हाथ, दोनों पैर और सिर काटकर अलग कर दिया। उसने घर में रखी एक पुरानी स्ट्रॉली ज्ञात हुआ कि यह स्ट्राली एक पूर्व किराएदार की थी। जिसने पूर्व गृहस्वामी रिजवाना को किराया नहीं दिया इसलिए उसका सामान रोक लिया गया था। उसी बैग में शव के टुकड़े भरकर अपनी गाड़ी में रख लिये।

अंधेरा हो जाने पर वह लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर निकला और सुनसान जगह देखकर दोनों बैग सड़क के किनारे डाल दिये। बरामद गाड़ी में मृतका का व्यक्तिगत सामान, असली/नकली ज्वैलरी, उसके शैक्षिक प्रमाण-पत्र और उसकी शादी के रजिस्ट्रेशन के कागज भी बरामद हुये हैं। गाड़ी में ही मृतका का मोबाइल मिला है, जिसका सिम 05 जुलाई को ही तोड़कर समीर ने रास्ते में फेंक दिया था। इस प्रकार एक लोमहर्षक घटना का सफल अनावरण, अभियुक्त की गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त सभी उपकरण एवं संसाधन बरामद कर लिये गये हैं।

मृतका के घर वालों को एवं खेरवाड़ी पुलिस स्टेशन, जहां गुमशुदगी दर्ज है, को सूचना दे दी गयी है। उल्लेखनीय है कि अभियुक्त समीर ने पुनः अपने आपको शादी डॉटकॉम पर पंजीकृत कराया था। उसके तीन और प्रेमिकाओं से क्रमशः प्रतापगढ़, मुरादाबाद और दिल्ली के सम्बन्ध की भी जानकारी प्राप्त हुई है। उसके एक से अधिक वैवाहिक और प्रेम सम्बन्धों की भी जांच की जा रही है। जिससे किसी अन्य संभावित घटना की जानकारी प्राप्त हो सके।

घटना का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी द्वारा 25000 रूपये पुरस्कार की घोषणा की गयी है।

एसपी ने जतायी ख़ुशी

बाराबंकी एसपी ने प्रेसवार्ता में कहा की इस महत्त्वपूर्ण खुलासा करने के लिये कोतवाली प्रभारी पंकज सिंह को बेस्ट इन्वेस्टीगेशन अवार्ड की विभाग से मांग करूंगा। उन्होंने बताया की पूर्व नगर क्षेत्राधिकारी सुशील सिंह और आवास विकास चौकी प्रभारी शैलेन्द्र कुमार आज़ाद की भी नगर कोतवाली के साथ इस खुलासे में अहम भूमिका रही है। उन्होंने बताया की अभियुक्त नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था। लेकिन पुलिस टीमों ने उसके मनसूबे पर पानी फेर दिया।

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