यूपी का एक और रिकॉर्ड, एक दिन में अब तक के सबसे ज्‍यादा सैम्‍पल किए गए टेस्‍ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि राज्य में शुक्रवार को एक दिन में एक लाख 48 हजार से अधिक सैम्पलों की जांच की गयी जो अब तक का सर्वाधिक है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को यहां बताया कि राज्य में कोविड-19 टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में शुक्रवार को एक दिन में 1,48,147 सैम्पल की जांच की गयी, जो अब तक का सर्वाधिक है।

उत्तर प्रदेश

उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 53,50,704 सैम्पल की जांच की गयी है। प्रदेश में विगत 24 घंटों में कोरोना के 5684 नये मामले आये है। राज्य में 53,360 कोरोना के एक्टिव मामले हैं, जिसमें 26,865 मरीज होम आइसोलेशन, 2403 लोग प्राइवेट हास्पिटल में तथा 262 मरीज सेमी पेड फैसिलिटी में तथा इसके अतिरिक्त शेष कोरोना संक्रमित एल-1, एल-2, एल-3 के कोरोना अस्पतालों में है। प्रदेश में अब तक 1,62,741 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं।

प्रसाद ने बताया कि पूल टेस्टिंग के तहत  कल 05-05 सैम्पल के 3051 पूल और 10-10 सैम्पल के 258 पूल लगाये गये। इस प्रकार कुल 3038 पूल की टेस्टिंग की गई। टेस्टिंग क्षमता में निरन्तर बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो वो घर पर न रहें। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में ई-संजीवनी पोर्टल पर 1902 लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया।

उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी पोर्टल को गूगल पर सर्च किया जा सकता है। जिसपर लोग अपने फोन नंम्बर से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। अब तक ई-संजीवनी पोर्टल से 49,685 लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि लोग होम आइसोलेशन के प्रोटोकाल का पालन करें। होम आइसोलेशन में दवा न मिलने पर जिले के इन्ट्रीग्रेटेड कमाण्ड एवं कन्ट्रोल सेन्टर को फोन करें।

प्रसाद ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर साथ रखें। उन्होंने बताया कि कुल 93,978 लोग होम आइसोलेशन में थे जिसमें से 67,113 लोग उपचारित हो चुके हैं। किसी को कोई असुविधा हो तो स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन नं0 18001805145 अथवा सी0एम0 हेल्पलाइन नं0 1076 पर सम्पर्क करें। उन्होंने बताया कि 50.30 प्रतिशत लोग होम आइसोलेशन में हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को रैपीड रिस्पान्स टीम उनके घर जाकर दवा आदि उपलब्ध करायें।

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