रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर पीएनबी एमडी एवं सीईओ अतुल कुमार गोयल की प्रतिक्रिया

8 अप्रैल 2022
बाजार की उम्मीदों के मुताबिक आरबीआई मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दरों को 4 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा है और अपने अनुकूल रुख को बरकरार रखा है। वर्तमान की भौगोलिक राजनैतिक परिस्थितियों के मद्देनजर बढ़ती मुद्रास्फीति का अनुमान और वृद्धि की प्रत्याशा में कमी भी उम्मीदों के मुताबिक ही है।
तरलता प्रबंधन में लचीलापन लाने के लिए रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने अपने तरलता फ्रेमवर्क को संशोधित किया है और स्टैंडिंग डिपाजिट को अनुमति दी है जिसके जरिए यह अतिरिक्त तरलता को समाहित करेगी। जैसा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति सामान्य हो रही है तो आरबीआई ने एलएएफ कारीडोर को प्रीकोविड के स्तर पर 50 अंकों के साथ व 3.75 फीसदी एसडीएफ को फ्लोर सहित बहाल किया है साथ ही एमएसएफ को सीलिंग के साथ 4.25 फीसदी पर बहाल किया है जो कि वित्तीय स्थिरता लाएगी। एसएलआर होल्डिंग्स में परिपक्वता तक 100 अंको की मार्च 31, 2023 तक वृद्धि से बैंक अपने निवेश पोर्टफोलियों का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।

वित्तीय उद्योग में आ रही विविधता के चलते आरबीआई का इसके द्वारा रेगुलेट की जाने वाली ईकाईयों में ग्राहक सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के लिए पैनल बनाने का प्रस्ताव एक जरुरी कदम है। सभी बैंक शाखाओं में यूपीआई के जरिए कार्डलेस नकद निकासी की उपलब्धता न केवल फ्राड को रोकेगी बल्कि निकासी को आसान भी करेगी। वैयक्तिक गृह ऋणों के रिस्क वेट का रेशनलाइजेशन 31 मार्च 2023 तक बढ़ाने से गृह ऋणों की मांग में तेजी आएगी।

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