सीतापुर: तीन घंटे एंबुलेंस में पड़ा रहा कोरोना मरीज का शव

सीतापुर: कोरोना जैसे गंभीर मामले में भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा कितना लापरवाह है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण मंगलवार को शहर के मुहल्ला सदर बाजार में एक कोरोना मरीज की मौत के बाद देखने को मिला। मौत होने की सूचना मृतक के परिजनों के अलावा स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को फोन कर दी थी। इसके बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो तीन घंटे तक शव एंबुलेंस में ही रखा रहा। आखिर में मृतक के बेटे ने स्वयं शव को सेनेटाइज करते हुए अंतिम संस्कार कराया।

शहर के मुहल्ला सदर बाजार के 53 वर्षीय स्थानीय निवासी बिजली विभाग के कर्मचारी थे। वह पिछले काफी समय से डायबिटीज व ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। परिजनों के मुताबिक उनकी बीमारियों का इलाज लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल से चल रहा था। परिजनों के साथ वह सोमवार को विवेकानंद अस्पताल स्वास्थ्य परीक्षण कराने गए थे, जहां उनकी कोरोना की जांच भी कराई गई थी।

इसके बाद वह वापस अपने घर वापस आ गए थे। मंगलवार की सुबह जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी। इसकी सूचना जोरावर को दूरभाष पर दी गई। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर लखनऊ जा रहे थे, लेकिन हुसैनगंज के निकट पहुंचते ही प्राइवेट एंबुलेंस में उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को एंबुलेंस से ही वापस घर ले आए और शव को एंबुलेंस में ही रखकर पूरे प्रकरण की सूचना प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को दी।

करीब तीन घंटे शव एंबुलेंस में ही रखा रहा। इसके बाद मृतक के बेटे ने स्वयं पीपीई किट पहनकर शव को एंबुलेंस से बाहर निकाला और शव को भी पीपीई किट पहनाई। इसके बाद सदर बाजार से कुछ दूरी पर बने शमसान घाट पर ले जाकर उनका अंतिम संस्कार कराया। सभासद पुष्पेंद्र सोनकर ने बताया कि पूरे मुहल्ले को नगर पालिका की ओर सेनेटाइजेशन कराया गया है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper