सीतापुर में साल 2015 से बंद चल रहा नजूल जमीनों का फ्रीहोल्ड, अटकीं 250 फाइलें

सीतापुर: नजूल की जमीनों को फ्रीहोल्ड कराना अब और भी मुश्किल हो जाएगा। शासन ने इसके लिए आदेश जारी कर फ्रीहोल्ड की तमाम प्रक्रिया को रोकने का आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के बाद जिले में लंबित चल रही करीब ढाई सौ फाइलें अधर में लटक गई हैं। माना जा रहा है कि अब शासन स्तर से नयी नियमावली आने के बाद ही इन फाइलों का निस्तारण शुरु हो सकेगा।

बताते चलें कि सीतापुर शहर का अधिकांश हिस्सा नजूल क्षेत्र में आता है। इनमें शहर की मुख्य बाजार, लालबाग, तामसेनगंज, पड़ाव के साथ ही मोहल्ला घंटाघर, नई बस्ती समेत अन्य पाॅश इलाके शामिल हैं। ऐसे में नजूल जमीनों की खरीद फरोख्त होती रहती है और उनकों फ्रीहोल्ड कराने के लिए आवेदन भी आते रहते हैं। वर्ष 2015 से जिले में नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने की प्रक्रिया रुकी हुई है।

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इस दौरान अब तक करीब 250 लोगों द्वारा अपनी फाइलें तैयार कर जमीनों को फ्री होल्ड कराने के लिए दाखिल किया जा चुका है। लेकिन शासन स्तर से मंजूरी न हो पाने के कारण इनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर कई बार अधिकारियों द्वारा शासन को पत्र भी लिखा गया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब न आने के कारण असमंजस की स्थिति बनी रही।

इस असमंजस को समाप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने समस्त मंडालायुक्त व जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है, जिसमें फ्री होल्ड की प्रक्रिया फिलहाल रोकने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने आदेश दिया है कि नजूल भूमि से संबंधित समस्त आदेशों को स्थगित कर  दिया गया है।

उत्तर प्रदेश नजूल सम्पत्ति अधिनियम 2020 के गठन तक नजूल भूमि पर किसी प्रकार की कार्रवाई न की जाए। इसके बाद जिले के अधिकारियों ने भी आदेश के अनुसार कार्रवाई शुरु कर दी है।

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