नागपुर जीएमसीएच के 160 चिकित्सा शिक्षकों ने पीजी गाइडशिप से इस्तीफा दिया

महाराष्ट्र में चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय द्वारा चिकित्सकों की मांगों को पूरा नहीं करने के कारण नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) के 160 चिकित्सा शिक्षकों ने स्नातकोत्तर (पीजी) गाइडशिप से इस्तीफा दे दिया। गुरुवार को यह रिपोर्ट सामने आयी है।

महाराष्ट्र राज्य चिकित्सा शिक्षक संघ (एमएसएमटीए) ने राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख को लिखे पत्र में कहा, “सभी चिकित्सा शिक्षकों ने अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना कोविड-19 की दो लहरों के दौरान बिना समय गंवाये कड़ी मेहनत की। हमने भत्तों और कुछ अन्य मांगों के संबंध में आपसे और संबंधित सचिव से परामर्श किया। आपने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और एक समिति का गठन किया। समिति द्वारा हालांकि अगस्त 2021 को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिसके कारण सभी चिकित्सा शिक्षकों में भारी रोष है।”

इसलिए अंत में सभी चिकित्सा शिक्षकों ने सर्वसम्मति से स्नातकोत्तर गाइडशिप के पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।
एमएसएमटीए ने सरकार को चेतावनी दी है कि एक महीने के भीतर उन्हें भत्तों की जीआर प्राप्त होने तक वे कोई भी शिक्षक स्नातकोत्तर शिक्षण नहीं देंगे और नहीं ही किसी भी थीसिस पर हस्ताक्षर करेंगे।

एमएसएमटीए के अध्यक्ष डॉ. समीर गोलावर ने यूनीवार्ता से कहा कि संभागीय चयन बोर्ड (डीएसबी) के माध्यम से चुने गए लगभग 400 शिक्षक अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं और मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद ऐसे कई शिक्षकों को नियमित नहीं किया गया है।

एमएसएमटीए ने इस मुद्दे की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है और बुधवार को कार्यवाहक डीन डॉ राज गजभिये को अपनी मांगों के बारे में एक ज्ञापन सौंपा है।

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