Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार इन 4 बातों से व्‍यक्ति जल्द बना लें दूरी

Chanakya Niti

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र (Chanakya Niti) में जीवन से जुड़े कई पहलुओं के बारे में बताया है। कहते हैं कि चाणक्य की नीतियों को अपनाना मुश्किल होता है, लेकिन जिसने भी अपनाया उसका जीवन खुशियों से भर जाता है। आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य की बताई गई ये महत्‍वपूर्ण बातें-

विद्या के बिना व्‍यक्ति कुछ नहीं | Chanakya Niti

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार रूप और यौवन से सम्पन्न और कुलीन परिवार में जन्म लेने पर भी जिस व्‍यक्ति के पास विद्या नहीं है, वह पुरुष पलाश के फूल के समान है, जो सुन्दर तो है लेकिन खुशबू रहित है।

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एक ही पुष्‍प काफी है | Chanakya Niti

चाणक्‍य नीति के अनुसार जिस तरह सारा वन केवल एक ही पुष्प और सुगंध भरे वृक्ष से महक जाता है, उसी तरह एक ही गुणवान पुत्र पूरे कुल का नाम बढ़ाता है। वह कहते हैं कि इसी तरह केवल एक सूखा हुआ जलता वृक्ष सम्पूर्ण वन को जला देता है, उसी प्रकार एक ही कुपुत्र सारे कुल की मान, मर्यादा और प्रतिष्ठा को नष्ट कर देता है।

इन हालात में रहें दूर | Chanakya Niti

चाणक्‍य नीति कहती है कि वह व्यक्ति सुरक्षित रह सकता है, जो ये परिस्थितियां उत्पन्न होने पर भाग जाए- भयावह आपदा में, विदेशी आक्रमण के समय, भयंकर अकाल की स्थिति में और दुष्‍ट व्यक्ति का साथ मिलने पर।

पुत्र से मित्र के समान व्‍यवहार | Chanakya Niti

चाणक्‍य नीति के अनुसार पांच साल तक पुत्र का लाड़ और प्यार से पालन करना चाहिए। वहीं दस साल तक उसे छड़ी की मार से डराएं, लेकिन जब वह 16 साल का हो जाए, तो उससे मित्र के समान व्‍यवहार करना चाहिए।

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