कोरोना की दूसरी लहर में अब तक 270 डॉक्टरों की मौत, बिहार के डॉक्टर सबसे ज्यादा

कोविड महामारी की दूसरी लहर में मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टर भी अपनी जान गंवा रहे हैं। मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बताया कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश भर में अब तक 270 डॉक्टर कोरोनोवायरस संक्रमण की चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं।

आईएमए ने कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले डॉक्टरों की सूची भी जारी की है। इसमें आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल का नाम भी शामिल है, जिनका सोमवार को निधन हो गया था।

इस सूची के मुताबिक, बिहार में सबसे ज्यादा 78 डॉक्टरों की मौत हुई है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 37, दिल्ली में 29 और आंध्र प्रदेश में 22 डॉक्टरों ने अपनी जान गंवाई है।

आईएमए कोविड-19 रजिस्ट्री के मुताबिक, कोरोना महामारी की पहली लहर में 748 डॉक्टरों ने संक्रमित होने के बाद दम तोड़ दिया था। लेकिन इस बार बहुत कम समय में ज्यादा डॉक्टरों ने जान गंवाई है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ जे.ए. जयलाल ने कहा, “महामारी की दूसरी लहर सभी के लिए, खास तौर पर सबसे अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बेहद घातक साबित हो रही है।”

आईएमए के अनुसार, कोविड की पहली लहर में भी सबसे ज्यादा बिहार में डॉक्टरों की मौत हुई थी। तब कुल 748 डॉक्टरों की मौत हुई थी, जिनमें बिहार के 40 फीसदी डॉक्टर शामिल थे। डॉक्टरों की मौत के पीछे कोविड रोगियों के संपर्क में आने की वजह से होने वाला संक्रमण प्रमुख कारण है। लेकिन बीपी, डायबिटीज, अस्थमा और काम के बोझ जैसे सेहत से जुड़े कारण भी मौत को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

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