यूपी धर्मांतरण मामले में 3 लोग भेजे गए 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर, फंडिंग से जुड़े कई राज आए हैं सामने

यूपी धर्मांतरण मामले में एटीएस ने आरोपी मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान, इरफान शेख व राहुल भोला को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। तीनों का उमर गौतम से सामना भी कराया गया।

सूत्रों का कहना है कि इस दौरान हवाला के जरिये फंडिंग से जुड़े नए राज सामने आए है, जिनके आधार पर अब कई बैंक खाताधारकों की छानबीन तेज की गई है। जांच एजेंसी द्वारा अब तक पकड़े गए छह आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर धर्मान्तरण गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इसके लिए कई जिलों में लगातार छानबीन की जा रही है।

वहीं हवाला नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों की भी तलाश की जा रही है। एटीएस जल्द कुछ अन्य गिरफ्तारियां कर सकती है। धर्मान्तरण के लिए फंडि‍ंग में कई बैंक खातों का प्रयोग किए गया था, जिनका बैंकों से ब्योरा हासिल किया गया है। इन खातों में भेजी गई व समय-समय पर निकाली गई रकम को लेकर भी उमर गौतम व उसके साथियों से पूछताछ की जा रही है।

कई का कराया धर्मपरिवर्तन

सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद उमर गौतम और काजी जहांगीर ने सीएए-एनआरसी के विरोध के दौरान भी कई लोगों का धर्म परिवर्तन कराया था। इसका खुलासा एटीएस की जांच में हुआ है। एटीएस के मुताबिक पिछले साल कई लोगों ने इस्लाम कबूल किया था।

मामले की जांच कर रही एजेंसी को पूछताछ में पता चला कि पिछले साल सीएए व एनआरसी के विरोध करने वालों में बहुत सारे लोग दूसरे धर्म के भी शामिल थे। उन्हीं को उमर की संस्था आईडीसी (इस्लामिक दावा सेंटर) ने टारगेट किया।

उमर ने एक एक दिन में 10 से 12 सभाएं की। कहा गया कि अगर सीएए और एनआरसी को रोकना है तो इस्लाम को मजबूती देनी होगी।

यह भी समझाया गया कि इस्लाम कबूल करने में आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूती मिलेगी। इससे प्रभावित होकर ही बीते साल इन लोगों ने इस्लाम कबूल किया।

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