अफगानिस्तान में बने रहेंगे 650 अमेरिकी सैनिक

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद भी राजनयिकों की सुरक्षा के लिए लगभग 650 जवान मौजूद रहेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों की वापसी का काम अगले दो हफ्ते में काफी हद तक पूरा हो जाएगा। अफगानिस्तान में 4000 से ज्यादा सैनिक थे।

अधिकारियों के मुताबिक, इसके अलावा सैकड़ों अमेरिकी सैनिक शायद सितंबर तक काबुल हवाईअड्डे पर मौजूद रहेंगे, जहां वे सुरक्षा प्रदान करने वाले तुर्की सुरक्षा बलों को मदद देंगे। ये सैनिक यहां पर अस्थायी तौर पर तब तक रहेंगे, जब तक कि तुर्की के नेतृत्व वाला औपचारिक सुरक्षा अभियान शुरू नहीं हो जाता है।

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का काम हाल के महीनों में तेजी से चला है, जिसके लिए राष्ट्रपति जो बाइडन ने 11 सितंबर की समय-सीमा तय कर रखी है। हालांकि, इस बीच तालिबान और सक्रिय हो गया है, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि अफगानिस्तान की सरकार और उसकी सेना कुछ ही महीनों में घुटने टेक देगी।

अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि अफगानिस्तान में अमेरिका के राजनयिक स्टाफ को रखने के लिए काबुल में हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षा बेहद आवश्यक है। हालांकि, अगले कई महीनों तक अतिरिक्त बलों को तैनात रखने से बाइडन प्रशासन के लिए अमेरिका की सबसे लंबे समय तक चली इस लड़ाई के वास्तविक अंत की घोषणा करना बेहद जटिल हो जाएगा।

शुक्रवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और राष्ट्रीय सुलह उच्च परिषद के अध्यक्ष अब्दुल्ला अब्दुल्ला व्हाइट हाउस में बाइडन से मुलाकात करने वाले हैं। वे पेंटागन में रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से भी मिलेंगे और प्रशासन के अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।

अफगानिस्तान में करीब 650 अमेरिकी सैनिक अमेरिकी दूतावास और हवाईअड्डे पर अन्य तरह की मदद देंगे। अधिकारियों के मुताबिक, तुर्की ने कहा है कि जब तक अमेरिकी बलों की मदद मिलेगी तब तक वह हवाईअड्डे पर सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए तैयार है। इस व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका और तुर्की के सैन्य अधिकारी इस हफ्ते अंकारा में बैठक करने वाले हैं। हालांकि बुधवार को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल मार्क मिले ने कहा था कि हवाईअड्डे की सुरक्षा के बारे में तुर्की के साथ अभी कोई लिखित समझौता नहीं हुआ है।

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