छत्तीसगढ़: दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में मिला दुर्लभ तक्षक नाग, देखने को उमड़ी भीड़

तक्षक नाग

दंतेवाड़ा:  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के माई दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में शनिवार को एक काले सिर वाले दुर्लभ तक्षक नाग मिला। दंतेश्वरी मंदिर के शक्तिपीठ परिसर में स्थित टेंपल कमेटी के दफ्तर के पास काले सिर वाला सांप देखा गया। मंदिर के स्टॉफ ने पहले तो इसे नाग का सपोला समझा और पकड़ने के लिए सर्प विशेषज्ञ को बुलाया गया। दंतेश्वरी मंदिर में सांप दिखने की सूचना पर स्नैक कैचर अक्षय मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने जब सांप को देखा तो वे भी दंग रह गए।

सर्प विशेषज्ञ अक्षय ने सांप की पहचान दुर्लभ प्रजाति के डूमेरिल्स ब्लैक हेडेड स्नैक के रूप में किया। जानकारों की मानें तो इस प्रजाति के सांप विषहीन होते हैं और गिरगिट, छिपकिली और रेंगने वाले छोटे कीड़ों व छोटे सांपों का शिकार करते हैं। अन्य सांपों की तुलना में इसका आकार भी बहुत छोटा होता है। यह देखने में काफी चमकीले होते हैं, यह कोबरा सांप की तरह फन नहीं निकाल सकते हैं। आमतौर पर यह सांप भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका में पाया जाता है। इसका सिर काले रंग का होता है, यह सर्प लोगों की पहुंच से दूर रहते हैं। यह सांप रात की अपेक्षा दिन में ज्यादा सक्र‍िय रहता है, सांपों की यह प्रजाति काफी दुर्लभ मानी जाती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसा ही एक सांप हाल ही में ओडिशा में देखने को मिला था, जिसे वाइल्ड लाइफ के एक फोटोग्राफर ने अपने कैमरे में कैद किया था। यह सांप बहुत शर्मीले स्वभाव के होते हैं और बहुत मुश्किल से देखने को मिलते हैं। बता दें कि दंतेवाड़ा के जंगल जैव विविधता के लिए जाने जाते हैं। लेकिन शोध की कमी के चलते जिले की पहचान राष्ट्रीयस्तर पर नहीं हो सकी है। बैलाडीला की पहाड़ियों में दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतुओं की भरमार है। यहां कुछ वर्ष पूर्व दुर्लभ तक्षक नाग देखा गया था, इसकी खोज सर्प विज्ञानी डॉ. एचकेएस गजेन्द्र ने की थी।

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