अकाली नेता बिक्रम मजीठिया को पंजाब हाईकोर्ट से मिली राहत

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने आज नशा मामले में अंतरिम जमानत की मंजूरी दी। जिला अदालत में उनकी जमानत अर्जी नामंजूर किये जाने के बाद श्री मजीठिया ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और पंजाब सरकार से जवाब मांगा था ।

पंजाब सरकार ने अपना पक्ष रखा था । श्री मजीठिया ने आरोप लगाया था कि पंजाब सरकार नशे के पुराने मामले में उनको गिरफ्तार करवाना चाहती है और यह सब राजनीतिक बदले की भावना से किया जा रहा है।
उच्च न्यायालय से श्री मजीठिया को राहत मिलने को लेकर मुख्यमंत्री चरनजीत चन्नी ने कहा कि जमानत मिल गयी इसका मतलब केस खत्म नहीं हो गया । केस चलेगा तथा सब कुछ सामने आ जायेगा ।
उधर श्री मजीठिया की ओर से मुकुल रोहितगी तथा कांग्रेस सरकार की ओर से पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी चिदंबरम कोर्ट में पेश हुये । अदालत के उनकी अग्रिम जमानत पर मुहर लगाकर यह तो साफ कर दिया कि हजारों करोड़ के नशा मामले में श्री मजीठिया के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया ।
ज्ञातव्य है कि मोहाली जिले में श्री मजीठिया के खिलाफ ड्रग मामले में केस दर्ज किया गया था और उनके खिलाफ 22 दिसंबर को लुक आउट नोटिस जारी किया था ।पंजाब सरकार ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को इसकी जानकारी दी थी ताकि श्री मजीठिया विदेश न भाग जायें । उनकी गिरफ्तारी के लिये पुलिस टीमों ने अनेक स्थानों पर छापेमारी की ताकि उन्हें काबू किया जा सके लेकिन श्री मजीठिया कहीं दिखाई नहीं दिये हाल में पंजाब के गृह मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने कहा था कि पंजाब में मजीठिया नहीं है वो देश में कहीं छिपा है।

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