सेना देश की एक-एक इंच जमीन की रक्षा करने में सक्षम, रेजांग लॉ में रक्षा मंत्री

नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सेना के जवान पूर्वी लद्दाख में किसी भी नापाक हरकत का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और वे देश की हर एक इंच जमीन की रक्षा करने में सक्षम हैं।

       रक्षा मंत्री ने लद्दाख में रेजांग लॉ में चीन के साथ 1962 की लड़ाई में शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाये गये नये युद्ध स्मारक का गुरूवार को उद्घाटन किया। रेजांग लॉ स्मारक को चीन की लड़ाई के बाद यहां बनाया गया था लेकिन इसे हाल ही में नये सिरे से बनाते हुए इसका विस्तार कर इसे नया रूप दिया गया है। नये स्मारक में जून 2020 में चीनी सैनिकों के साथ गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए सेना के 20 सैनिकों के नाम भी शामिल किये गये हैं।

      रक्षा मंत्री ने इस मौके पर कहा कि भारत ने कभी किसी की जमीन पर कब्जे की नीयत नहीं रखी लेकिन यदि किसी ने उसकी ओर आंख उठाकर देखा है तो उसका करारा जवाब दिया गया है। उन्होंने कहा ,“ भारत का चरित्र रहा है कि हमने कभी भी किसी दूसरे देश की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने की नीयत नहीं रखी। मगर यदि किसी भी देश ने भारत की ओर आँख उठा कर भी देखा है तो हमने उसे मुँहतोड़ जवाब दिया है। हमारी सेना के बहादुर जवान भारत की हर एक इंच ज़मीन की रक्षा करने में सक्षम हैं। ”

       राजनाथ ने इस मौके पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। बाद में उन्होंने ट्वीट कर कहा , “ आज लद्दाख़ की दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित रेजांग ला पहुँच कर 1962 की लड़ाई में जिन 114 भारतीय सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, उन बहादुर सैनिकों की स्मृतियों को नमन किया। रेज़ांग ला का युद्ध, विश्व की दस सबसे महान और चुनौतीपूर्ण सैन्य संघर्षों में से एक माना जाता है।”

   उन्होंने कहा कि रेज़ांग ला का ऐतिहासिक युद्ध 18,000 फीट की ऊँचाई पर जिन विषम परिस्थितियों में लड़ा गया उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। मेज़र शैतान सिंह तथा उनके साथी सैनिक ‘आखिरी गोली और आखिरी साँस तक लड़े एवं बहादुरी और बलिदान का नया अध्याय लिखा। उन्होंने कहा कि यह स्मारक  सेना द्वारा  रेज़ांग ला में प्रदर्शित उस दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस की मिसाल है, जो केवल इतिहास के पन्नो में ही अमर नहीं है, बल्कि हमारे दिलों में भी धड़कता है।

      रेजांग लॉ पहुंचने पर रक्षा मंत्री ने 1962 की लड़ाई में चीनी सेना से लोहा लेने वाले ब्रिगेडियर (सेवानिवृत) आर वी जटार के प्रति आभार भी प्रकट किया और वह खुद उन्हें व्हील चेयर पर स्मारक तक लेकर गये। राजनाथ  सिंह ने कहा , “

मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे रेज़ांग ला की लड़ाई में बहादुरी से लड़े ब्रिगेडियर (रिटा.) आर. वी. जटार से भेंट करने का अवसर मिला। वे उस समय कम्पनी कमांडर थे। उनके प्रति सम्मान के भाव से मैं अभिभूत हूँ और उनके साहस को मैं नमन करता हूँ। ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखे और दीर्घायु करें।”

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