खामोश हुई अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच गरज रहीं तोपें, टला विश्वयुद्ध का खतरा

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। रूस के प्रयासों से फिलहाल विश्व युद्ध का खतरा टल गया है। अर्मेनिया और अजरबैजान युद्ध रोकने पर सहमत हो गए हैं। शनिवार को दोनों तरफ से गरज रहीं तोपें खामोश हो गई। बताते चलें कि दुनिया के कई देश इस लड़ाई में शामिल होने वाले थे।

 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को अर्मेनिया और अजरबैजान में छिड़ी जंग को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को मॉस्को तलब किया था। गर्मागर्म बातचीत के बाद में दोनों पक्ष युद्ध रोकने पर सहमत हुए। इस बात की पुष्टि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने की है।

रुसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बताया कि अर्मेनिया और अजरबैजान मानवीय आधार पर10 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से युद्ध विराम को लागू कर देंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे के कैदियों और संघर्ष में मारे गए लोगों के शवों का आदान-प्रदान भी करेंगे। लावरोव ने बताया कि अर्मेनिया और अजरबैजान अब बातचीत के जरिये नागोर्नो-काराबाख विवाद का निपटारा करेंगे।

उल्लेखनीय है कि अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच छिड़ी लड़ाई में दुनिया के कई देश शामिल होने वाले थे। तुर्की ने पहले ही अजरबैजान की तरफ से मोर्चा संभाल लिया था। रूस द्वारा तुर्की के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आशंका पैदा हो गई थी। यदि ऐसा होता तो रूस और तुर्की के बीच भयानक जंग शुरू हो जाती और फिर इसमें दूसरी महाशक्तियां भी शामिल हो जाती। अर्मेनिया और अजरबैजान की जंग में फ्रांस, ईरान और इजराइल के भी शामिल होने का खतरा बढ़ता जा रहा था।

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