69,000 सहायक अध्यापक भर्ती : दो काउंसिंलिंग में खाली रह गये पद, जल्द होगी तीसरी काउंसिलिंग

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में तीसरी काउंसलिंग की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। दो काउंसलिंग के बाद शिक्षक भर्ती के लगभग छह हजार खाली पदों को भरने के लिए जल्द ही तीसरी काउंसलिंग कराई जाएगी। ये बातें शुक्रवार को महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने कही। उन्होंने सहायक अध्यापक भर्ती के अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि खाली पदों को भरने के लिए तीसरी काउंसलिंग के लिए जल्द घोषाणा होगी।

सहायक अध्यापक भर्ती

यह बता दें कि 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में पहली बार की काउंसलिंग में विभिन्न बातों को लेकर लगभग तीन हजार पद खाली रह गये। वहीं दूसरी बार में भी इतने ही पद खाली रहने की उम्मीद है। इस संबंध में विजय किरन आनंद ने कहा कि अभी सब कुछ देखा जा रहा है। फिर जितने खाली पद रह जाएंगे। उसके लिए तीसरी काउंसिलिंग करायी जाएगी और रिक्ति को पूरा किया जाएगा।

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महानिदेशक ने  कहा कि जिन अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्रों में विसंगति के चलते नियुक्ति नहीं मिल पाई है। वह सूची प्रदेश भर से उनके कार्यालय पहुंच गई है। जल्द ही उस पर निर्णय लेने के बाद खाली पदों को भरने के लिए एक और काउंसलिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि भर्ती में कोई पद खाली नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षक भर्ती में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र और ऑनलाइन आवेदन में अलग-अलग जानकारी भरी गई है। इन अभ्यर्थियों के बारे संबंधित जिले के बीएसए ने जानकारी उन्हें भेज दी है। इन आवेदन पत्रों पर निर्णय लेने के बाद खाली पदों को भरने के लिए एक और काउंसलिंग कराई जाएगी।

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दिव्यांग अभ्यर्थियों से मिलकर सुनेंगे उनकी बात

69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की विसंगति पर 14 दिसंबर से लगातार बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय के आगे धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के बारे में विजय किरन आनंद ने ‌बताया कि वह शनिवार को इन अभ्यर्थियों से मिलकर उनकी मांग सीधे सुनेंगे। चार अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल और उसमें एक के बीमार होने की खबर पर उन्होंने कहा कि वह अनावश्यक इस ठंड में अपने को परेशानी में डाल रहे हैं, उनकी मांग पर नियम संगत विचार हो रहा है। उन्होंने दिव्यांग अभ्यर्थियों की ओर से श्रवण ह्रास एवं दृष्टिहीन अभ्यर्थियों के आरक्षण को शारीरिक रूप से अक्षम दिव्यांगों को देने की मांग को नियम विरूद्घ बताया।

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