दिवाली पर पटाखों और प्रदूषण से अस्थमा के मरीज इस तरह से करें बचाव. नहीं तो…

त्योहारों का सीजन शुरु हो चुका है। दिवाली के आने से पहले लोग घर में साफ सफाई के साथ ही पटाखे और फुलझड़ियां भी जलाते हैं। ऐसे में जिन लोगों को अपनी सेहत का सबसे ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। अस्थमा और साइनस के मरीजों को धूल और धुएं दोनों से परेशानी हो सकती है। ये समस्या दिवाली के दौरान और भी बढ़ जाती है। अगर आप इस बीमारी से पीड़ित हैं तो इन 5 टिप्स को अपनाकर अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं।

1.धूल से करें अपना बचाव

दिवाली के दौरान लोग अपने घर की साफ सफाई करते हैं। ऐसे में जाहिर सी बात है कि घर के आसपास धूल की समस्या ज्यादा होती है। धूल साइनस और अस्थमा दोनों ही लोगों की सेहत के लिए हानिकारक होती है। ऐसे में जहां पर भी साफ सफाई हो रही हो वहां से खुद को दूर रखें। साथ ही ऐसे मास्क का इस्तेमाल करें जिससे नाक और मुंह दोनों ही कवर हो जाएं।

2. खिड़की दरवाजे रखें बंद

दिवाली में पटाखे के धुएं से भी अस्थमा और साइनस के मरीज को दिक्कत होती है। इसलिए यही बेहतर होगा कि दिवाली के समय खिड़की और दरवाजे बंद ही रखें। ऐसा करने से पटाखे का धुआं घर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा और आप सुरक्षित रहेंगे।

3. ज्यादातर रहें घर के अंदर ही

दिवाली में भले ही आप पटाखे ना जलाएं लेकिन वातावरण में पटाखे का धुआं घुल जाता है। ऐसे में अस्थमा और साइनस के पेशेंट घर में ही ज्यादातर रहें। अगर किसी वजह से उन्हें घर के बाहर निकलना भी पड़ता है तो मास्क बिना लगाए ना निकलें।

4. अपने साथ रखें दवाई और इन्हेलर

साइनस और अस्थमा के मरीज जब भी दिवाली में घर से बाहर निकलें तो अपने साथ दवाई और इन्हेलर लेकर ही निकलें। ऐसा इसलिए क्योंकि हो सकता है कि धुएं और धूल से एलर्जी की वजह से उन्हें अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगे। अगर उनके पास दवाई या फिर इन्हेलर रहेगा तो वो अपने आप को किसी भी अनहोनी से बचा सकते हैं।

5. खानपान का रखें ध्यान

त्योहार के समय घर में तरह तरह के पकवान बनना तो लाजमी हैं। ऐसे में अस्थमा और साइनस के मरीज अपने खानपान में बिल्कुल भी बदपरहेजी ना करें। ज्यादा तली भुनी और ठंडी चीजों के सेवन से बचें। ऐसा ना होने पर गला खराब हो सकता है जिसके आप बीमार भी पड़ सकते हैं।

Related Articles

Back to top button
E-Paper