बागपत: किसानों के धरनास्थल में घुसी पुलिस, सो रहे किसानों पर बरसाई लाठियां, उखाड़ा टेंट

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बागपत: जिले के कोतवाली बड़ौत क्षेत्र में कृषि कानून के विरोध में औद्योगिक पुलिस चौकी के पास हाइवे पर 19 दिसंबर से चले आ रहे किसानों के धरने को पुलिस ने बुधवार देर रात जबरन खत्म करवा दिया। पुलिस ने धरनास्थल पर किसानों को लाठियां भांजकर खदेड़ दिया और टेंट को उखाड़ दिया। किसानों ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाया और गुरुवार को पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया।

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थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में हाइवे की एक साइड में किसानों का धरना चल रहा था। देर रात भारी संख्या में पुलिस आयी और धरनास्थल पर टेंट में घुस गई। वहां सो रहे किसानों पर पुलिस ने लाठियां बरसा दी और किसानों को वहां से खदेड़ दिया। पुलिस ने उनका टेंट भी हटवा दिया। धरनास्थल पर इमरान प्रधान, सुमेर सिंह, सोनू सिनौली, बलदेव सिंह, दरियाव सिंह आदि लगभग 40 किसान मौजूद थे।

एडीएम अमित कुमार सिंह ने बताया कि एनएचएआई के पीडी संजय मिश्रा ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण में कुछ अराजक तत्वों के बाधा पहुंचाने के कारण निर्माण कार्य पूरा न होने की शिकायत करते हुए पत्र लिखा था। इसी पर हाइवे पर धरना दे रहे लोगों को हटाकर घर भेज दिया गया है।

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सीओ आलोक सिंह ने बताया कि किसानों से बातचीत के बाद ही धरने को समाप्त कराया गया है। किसी भी किसान पर लाठीचार्ज नहीं किया गया है, जो हुआ वह सबकी सहमति से हुआ है और किसान शांति के साथ अपने घर चले गए हैं।

थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में हाइवे की एक साइड में किसानों का धरना चल रहा था। देर रात भारी संख्या में पुलिस आयी और धरनास्थल पर टेंट में घुस गई। वहां सो रहे किसानों पर पुलिस ने लाठियां बरसा दी और किसानों को वहां से खदेड़ दिया। पुलिस ने उनका टेंट भी हटवा दिया। धरनास्थल पर इमरान प्रधान, सुमेर सिंह, सोनू सिनौली, बलदेव सिंह, दरियाव सिंह आदि लगभग 40 किसान मौजूद थे।

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