“बहराइच के दीवानी न्यायालय ने 2014 में हुई हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, तीनों पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना 13 मार्च 2014 को हुई थी, जब लक्ष्मन यादव की गांव के कुछ व्यक्तियों ने पिटाई कर दी थी।”
बहराइच। जिले के दीवानी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश ने शुक्रवार को 2014 के हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने मलखान यादव, शेखू यादव और बड़कऊवा उर्फ अशर्फी लाल को दोषी ठहराते हुए उन पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यदि यह आरोपियों द्वारा अर्थदंड की राशि नहीं अदा की जाती है तो उन्हें दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला 13 मार्च 2014 का है, जब ग्राम फत्तेपुरवा मोहम्मद नगर निवासी लक्ष्मन यादव पल्लेदारी करके घर लौटे थे। उन्होंने अपनी बेटी को गाली देने का विरोध किया, जिसके बाद गांव के ही मलखान, राम गोपाल, शेखू और बड़कउ ने गुस्से में आकर लक्ष्मन यादव की रात को फावड़ा, बेलचा और लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई की। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद मृतक के बेटे अमल कुमार यादव ने हत्या का मामला दर्ज कराया।
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पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, और न्यायालय ने दो जुलाई 2015 से मामले की सुनवाई शुरू की थी। अंततः शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश ने तीन आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने बताया कि ऑपरेशन कन्वेशन के तहत यह मामला सुलझाया गया, और न्यायालय के फैसले से न्याय की जीत हुई।
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