बंगाल चुनाव : TMC ने की उम्मीदवारों की लिस्ट जारी, नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी ममता बनर्जी

ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आंदोलन की ऐतिहासिक भूमि नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ने जा रही हैं। इसका ऐलान आज उन्होंने खुद किया है।  माना जा रहा है कि ममता कैबिनेट के पूर्व परिवहन मंत्री और राज्य के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी भी यहीं से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आंदोलन की ऐतिहासिक भूमि नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ने जा रही हैं। इसका ऐलान आज उन्होंने खुद किया है।  माना जा रहा है कि ममता कैबिनेट के पूर्व परिवहन मंत्री और राज्य के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी भी यहीं से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

मुख्यमंत्री के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा से तृणमूल समर्थकों में भारी उत्साह है। चुनाव प्रचार की रणनीति के साथ ममता के नंदीग्राम में ही रहने की व्यवस्था की जा रही है। तृणमूल सूत्रों ने बताया है कि नंदीग्राम के ताराचांद बार इलाके में एक शिक्षक के घर को मुख्यमंत्री के प्रवास के लिए लिया गया है। यहां शिक्षक, उनकी पत्नी और दो बेटे रहते हैं, चार कमरे हैं, दो बाथरूम है और एक रसोई है। मकान मालिक का नाम शेख मनसूर अली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए यह आवास भाड़े पर लिया जा रहा है। पास ही में तृणमूल के पूर्व मेदिनीपुर जिलाध्यक्ष शेख सूफियां का घर है। इसलिए यह आवास बैठक और किसी भी तरह के समन्वय में काफी मददगार साबित होगा।

नंदीग्राम विधानसभा सीट से भाजपा के नेता शुभेन्दु अधिकारी भी चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। शुभेंदु भी इसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे चुके हैं। इसलिए नंदीग्राम विधानसभा सीट पर बंगाल ही नहीं पूरे भारत की निगाहें रहेंगी। उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी ममता को चुनौती दे चुके हैं कि अगर वह नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को 50 हजार वोट से नहीं हरा सकें तो राजनीति छोड़ देंगे।

इससे पूर्व लोकसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की परंपरागत सीट कोलकाता के भवानीपुर क्षेत्र में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया था। जिसकी वजह से उनके राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम ने उन्हें सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने की सलाह दी थी। नंदीग्राम अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र है और यहां उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला अल्पसंख्यक मतदाता ही करते हैं। इसलिए ममता बनर्जी ने इस सीट को चुना है। वाममोर्चा के शासन को उखाड़ फेंकने में नंदीग्राम आंदोलन की भूमिका रही थी। यह सीट ममता की अस्मिता से जुड़ी है, इसीलिए यहां से जीत हार बड़ा संकेत देने वाला होगा।

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