मोदी सरकार का कैबिनेट विस्तार शाम 6 बजे, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अनुप्रिया पटेल और पशुपति पारस समेत कई चेहरों पर चर्चा, एक साथ कई समीकरण साधने का प्रयास

मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार आज शाम होने जा रहा है। शाम 6 बजे मंत्रीमंडल का शपथ ग्रहण समारोह होगा. पीएम मोदी की नए मंत्रिमंडल में 17 से 22 मंत्री शपथ लेंगे। संभावना जताई जा रही है कि अगले साल यूपी चुनाव के चलते कई चेहरे उत्तर प्रदेश से भी शामिल हो सकते हैं।

यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यूपी से तीन से चार नेताओं को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल का मंत्री बनन तय माना जा रहा है। साथ ही कौशांबी से बीजेपी सांसद विनोद सोनकर को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। प्रयागराज के आस-पास सोनकर यानी अनुसूचित जाती के लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं और इन्हें साधने के लिए विनोद सोनकर को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।

इसके अलावा पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। साथ ही सांसद सत्यदेव पचौरी, सकल दीप राजभर को भी मंत्री बनाया जा सकता है। गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन का नाम भी मंत्री पद के लिए रेस में आगे चल रहा है।

यूपी की तरह पंजाब में भी अगले साल चुनाव है। लेकिन यहां भी किसान आंदोलन के चलते बीजेपी के लिए परिस्थितियां बिल्कुल प्रतिकूल है। इसके अलावा बीजेपी की सहयोगी पार्टी अकाली दल भी अलग हो गई है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि कम से कम एक चेहरा जरूर कैबिनेट में आएगा।

शाम को होने वाले कैबिनेट विस्तार से पहले कई नेताओं का प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचना हो रहा है। बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, सर्वानंद सोनोवाल, अजय भट्ट, कपिल पाटिल, शांतनु ठाकुर, पशुपति पारस, नारायण राणे, मीनाक्षी लेखी, शोभा करांडलजे, अनुप्रिया पटेल, हिना गावित, अजय मिश्रा पीएम आवास पर पहुंचे हैं।

इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, बीजेपी नेता बीएल संतोष भी पीएम आवास पर मौजूद हैं।

बिहार में बीजेपी (BJP) के साथ सत्ता साझा करने वाली जदयू भी कैबिनेट का हिस्सा बन सकती है। जदयू (JDU) पिछली बार कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाई थी। बिहार से ही पशुपति पारस के भी कैबिनेट में शामिल होने की उम्मीद है।

माना जा रहा है कि इस बार कई युवा चेहरों को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है. बीते दिन ही बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, महाराष्ट्र के दिग्गज नेता नारायण राणे नई दिल्ली पहुंच गए हैं, ऐसे में इनके कैबिनेट में शामिल होने की अटकलें तेज़ हैं।

अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर जातीय समीकरण भी साधने की कवायद हो रही है। कोरोना काल में लोगों का गुस्सा, पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन के चलते योगी सरकार से नाराजगी सरकार के ध्यान में होगी, जिसका असर कैबिनेट विस्तार में देखने को मिलेगा। क्षेत्रीय और जातीय समीकरण भी देखे जा रहे हैं. इस बार कई एससी, ओबीसी नेताओं को मौका मिल सकता है, साथ ही युवाओं पर बल दिया जा रहा है।

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