चित्रकूट गैंगरेप केस में बड़ा फैसला, गायत्री प्रजापति को आजीवन कारावास की सजा

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को आज चित्रकूट गैंगरेप मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इससे पहले गायत्री प्रसाद प्रजापति को गुरूवार को अदालत ने दोषी करार दिया था। वहीं गायत्री प्रसाद प्रजापति के साथ अन्‍य दो आरोपियों अशोक तिवारी और आशीष शुक्‍ला को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही सभी पर 2-2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता चित्रकूट के राम घाट पर साल 2013 में गंगा आरती के दौरान गायत्री प्रजापति से मिली थी। साल 2014 में उसके साथ पहली बार गायत्री प्रजापति ने बलात्कार किया, इसके बाद ये सिलसिला बन गया और 2016 तक वह लगातार पीड़िता का अन्य लोगों के साथ मिलकर शारीरिक शोषण करते रहे।

16 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस और सरकार को पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इस पर कार्रवाई हुई और 18 जुलाई 2017 को यूपी पुलिस ने गायत्री प्रसाद प्रजापति, विकास वर्मा, आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। बाद में अमरेन्द्र सिंह उर्फ पिंटू, चंद्रपाल और रूपेश्वर उर्फ रूपेश के नाम भी जोड़े गए।

10 नवंबर 2021 को पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, अशोक तिवारी एवं आशीष कुमार को दोषी करार दिया। वहीं अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, विकास वर्मा चंद्रपाल और रुपेशवर उर्फ रूपेश को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। आज 12 नवंबर को कोर्ट ने गायत्री को उम्र कैद की सजा सुना दी।

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