ब्रिटेन की अदालत का बड़ा फैसला, जूलियन असांजे को नहीं किया जाएगा अमेरिका प्रत्‍यर्पित

लंदन। विकीलिक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को लंदन की एक अदालत ने अमेरिका प्रत्यर्पित करने की अनुमति नहीं दी है। ऐसा असांजे के मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए किया गया है और आशंका है कि वह आत्महत्या भी कर सकते हैं।

जूलियन असांजे

असांजे ने विकीलिक्स के जरिए 2010-11 के दौरान कई महत्वपूर्ण गुप्त दस्तावेज़ों को सार्वजनिक किया था। अमेरिका ने दावा किया है कि इन गुप्त दस्तावेज़ों के सार्वजनिक होने से कानून का उल्लंघन हुआ है और कइयों की जान खतरे में आई है। वहीं असांजे का दावा है कि इससे अमेरिकी सेना के शक्ति के दुरुपयोग का खुलासा हुआ है। अमेरिका के पास आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए 14 दिन हैं। अमेरिका के फैसले के खिलाफ जाने की पूर्ण संभावन है।

कोरोना वायरस के बीच इस राज्‍य में एक और वायरस की एंट्री, पेंड़ों से गिरकर मर रहे कौवे

डिस्ट्रिक्ट जज वैनेसा बाराएस्टर ने कहा कि अमेरिका के वकील के ट्रायल के लिए प्रत्यर्पित करने की मांग ठीक है लेकिन अमेरिका असांजे को आत्महत्या करने से नहीं रोक सकता। ऐसा लगता है कि एक व्यक्ति दवाब में है और अपने भविष्य को लेकर घबराया हुआ हैं। असांजे के वकील ने दावा किया कि अमेरिका में उन्हें 175 सालों तक की सजा हो सकती है। वहीं अमेरिकी वकील ने दावा किया कि असांजे को उनके अपराधों के लिए चार से छह साल की सजा होगी।

उल्लेखनीय है कि जूलियन असांजे ब्रिटेन में इक्वाडोर के दूतावास में 2012 से लेकर 2019 तक शरण पाए हुए थे। मई 2019 में ब्रिटेन ने उन्हें जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर 50 हफ्तों (करीब) एक साल की सजा सुनाई थी। असांजे ने इक्वाडोर के दूतावास में उस समय शरण ली जब उनपर स्वीडन में यौनाचार के मामलों को लेकर प्रत्यर्पण की आशंका बन गई थी। हालांकि उनपर लगाए गए यह आरोप बाद में हटा लिए गए।

Related Articles

Back to top button
E-Paper