बड़ा खुलासा : महंत ही निकला पुजारी पर हमले का मास्टरमाइंड

गोंडा। इटियाथोक थाना क्षेत्र के तिर्रेमनोरमा गांव स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुजारी सम्राट दास पर गोली मंदिर के मुख्य महंत सीताराम दास के इशारे पर चलाई गई थी। और तो और खुद सम्राट दास भी खुद पर हमला कराने की साजिश में शामिल था। यह पूरी साजिश मंदिर की करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को हड़पने और अपने विरोधियों को फंसाने के लिए रची गई थी। गांव के प्रधान विनय सिंह व उसके दो बेटे भी इस साजिश में शामिल थे।

पुलिस ने इस मामले में राम जानकी मंदिर के महंत सीताराम दास समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार को इस साजिश का पर्दाफाश किया। इस खुलासे से एक बात बिल्कुल साफ हो गई है कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, वह कोई न कोई सबूत जरूर छोड़ जाता है। ऐसे में पुलिस को सिर्फ धैर्य से आगे बढ़ने की जरूरत होती है और गोंडा पुलिस ने ठीक यही किया। आज इस हाईप्रोफाइल मामले में शामिल चेहरों को बेनकाब करने में सफलता पाई।

उल्लेखनीय है कि 10/11 अक्तूबर की रात में रामजानकी मंदिर के पुजारी सम्राट दास को गोली मार दी गई थी, जिसमे पुजारी घायल हो गए थे और लखनऊ के ट्रामा सेंटर में उनका इलाज चल रहा है। पुजारी पर हुए हमले को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई थी। महंत सीताराम दास ने इस मामले मे जमीन का विवाद बताते हुए गांव के पूर्व प्रधान समेत 4 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया था।

इस दौरान महंत सीताराम दास पुलिस को गुमराह करने की नीयत से लगातार दबाब बना रहा था, लेकिन पुलिस टीम मामले की पड़ताल मे जुटी हुई थी। पुलिस ने जब स्थानीय लोगों से इस वारदात के बारे मे जानकारी की तो मामले में प्रधानी चुनाव की रंजिश का एंगल भी दिखाई दिया। इसके बाद दो बाबा की काल डिटेल खंगाली गई तो पूरा मामला खुल गया।

सबूत इकट्ठा करने के बाद एक्शन में आई पुलिस ने शुक्रवार देर रात जब आरोपियों की धरपकड़ शुरू की तो पकड़े गए आरोपी टूट गए और बाबा सीताराम को इस साजिश का मास्टरमाइंड बताया। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर सीताराम दास समेत 7 आरोपियों को दबोच लिया।

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