देश में एक दिन में कोरोना से रिकॉर्ड 6148 मौतें, अकेले बिहार में 3951 की मौत, क्या बिहार में हो रहा मौत के आंकड़ों में हेरफेर

बिहार में जानलेवा कोरोना वायरस से हो रही मौतों के आंकड़ों में घालमेल का मामला सामने आया है। मौत के आंकड़े पर विपक्ष के लगातार उठते सवालों के बाद अचानक बिहार में ये आंकड़ा बदल गया। जिसकी वजह से बुधवार को देश में कुल 6,148 कोविड मौतों के साथ एक नया रिकॉर्ड फिर से भारत ने ही बनाया है। हैरत की बात है कि कोरोना की दूसरी लहर लगातार कमजोर पड़ रही और दैनिक नए मामलों में गिरावट आ रही है, लेकिन एक दिन में ही मौतों का आंकड़ा ढाई गुना से भी ज्यादा हो गया। ऐसा अचंभा इसलिए हुआ क्योंकि इन मौतों में अकेले बिहार से 3,951 मौतें गिनाई गई हैं जो देश के कुल आंकड़े का करीब दो-तिहाई है।

बिहार में कोरोना से मौत का आंकड़ा अचानक 73 फीसदी तक बढ़ गया है। सात जून तक मौत का कुल आंकड़ा 5424 बताया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 9375 कर दिया गया है। यानी एक दिन में मौत का आंकड़ा 3951 बढ़ा दिया गया है।

इन आंकड़ों के बाद बिहार में सरकार से लेकर प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। बहुत पहले से आशंका जताई जा रही थी कि राज्य कोविड-19 महामारी से संबंधित आंकड़ों में हेरफेर कर रहे हैं।

वहीं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने माना कि कोरोना से होने वाली मौत का सही आंकड़ा सामने नहीं आया था। उन्होंने कहा कि जिन्होंने गडबड़ी की और सही संख्या की जानकारी नहीं दी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मौत के आंकड़ों में हेरफेर के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा किआपदा में अवसर को तलाशना कोई बिहार सरकार से सीखे. बिहार में कोविड-19 से मरने वाले लोगों के आंकड़ों को लेकर सरकार कल तक झूठ बोल रही थी. आखिर क्या वजह है कि सरकार ने 70 फ़ीसदी मौत के आंकड़े को छुपाया?

वहीं पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा, ‘बिहार में मौत घोटाला! पटना में कल 1000 से अधिक लोगों की कोरोना से मौत की क्या है सच्चाई? कहा जा रहा है कि पहले मौत के आंकड़ों को छुपाया गया था, अब उन्हें जारी किया गया है, आखिर यह खेल किसका है?स्वास्थ्य विभाग में मौत के आंकड़ों का घोटाला कौन कर रहा है?’

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