69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में भाजपा नेता गिरफ्तार, था इस कैबिनेट मंत्री का प्रतिनिधि

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के चर्चित 69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में फरार चल रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता चंद्रमा यादव को यूपी एसटीएफ ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। चंद्रमा यादव पहले टीईटी 2020 के फर्जीवाड़े में भी गिरफ्तार हुआ था। इन दिनों वह भाजपा किसान मोर्चा प्रकोष्ठ में प्रदेश कार्य समिति का सदस्य है। प्रयागराज में उसकी गिनती भाजपा के रसूखदार नेताओं में होती है।

उल्लेखनीय है की चार जून को मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही चंद्रमा यादव फरार चल रहा था। उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट के साथ ही कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी। एसटीएफ अफसरों का दावा है कि कुर्की की कार्रवाई शुरू होने के बाद वह दबाव में आया। केस के सिलसिले में वह शहर आया और इसी दौरान सटीक सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फरारी के दौरान वो लखनऊ और इटावा में रह रहा था।

चंद्रमा यादव प्रयागराज के धूमनगंज में पंचम लाल आश्रम इंटर कॉलेज का संचालन करता है। ऊंची पहुंच के चलते ही उसने अपने कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनवाया था। परीक्षा केंद्र होने की वजह से उसके कॉलेज में प्रश्नपत्र पहले ही आ जाता था। जहां बंद लिफाफों की सील तोड़कर प्रश्रपत्रों की फोटो खींचकर वह व्हाट्सऐप से अपने सहयोगी ललित त्रिपाठी के माध्यम से केएल पटेल तक पहुंचाता था, जिसके एवज में उसे 5-6 लाख रुपये मिलते थे।

पुलिस के मुताबिक चंद्रमा यादव ने शिक्षक भर्ती मामले में अपनी संलिप्ता की बात कुबूल की है। वह परीक्षा से पहले अपने कॉलेज से प्रश्नपत्र इस पूरे खेल के सरगना केएल पटेल तक पहुंचाता था। केएल पटेल मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में भी जेल जा चुका है। चंद्रमा यादव की गिरफ्तारी नहीं होने पर जांच एजेंसी यूपी एसटीएफ और सरकार की खासी किरकिरी हो रही थी।

चन्द्रमा यादव भाजपा के कई बड़े नेताओं का करीबी था। वह सूबे की योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ का प्रतिनिधि भी रह चुका है। उसकी गिरफ्तारी के बाद के बाद मंत्री के कार्यालय ने सफाई देते हर कहा कि चंद्रमा यादव प्रतिनिधि ज़रूर रहा, लेकिन कुछ समय पहले उसे इस जिम्मेदारी से हटा दिया गया था।

 

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