केजरीवाल सरकार पर बीजेपी का आरोप, लॉकडाउन में 5000 गेस्‍ट टीचर्स को नौकरी से निकाला

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने केजरीवाल सरकार के शिक्षा मॉडल पर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये से विज्ञापन देकर शिक्षा व्यवस्था का बखान करते हैं, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है।

केजरीवाल सरकार

प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गु्प्ता ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “दिल्ली में 30 हजार शिक्षकों की कमी है। लॉकडाउन के दौरान पांच हजार गेस्ट टीचर्स और 56 सौ शिक्षकों को उम्र के कारण केजरीवाल सरकार ने हटाया। अभी नई नियुक्तियां नहीं हुई हैं। यह केजरीवाल के शिक्षा मॉडल की सच्चाई है।”

उन्होंने दिल्ली में वित्तपोषित कॉलेजों के संचालन में लापरवाही का भी केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया। कहा कि अगर दिल्ली सरकार वित्त पोषित 12 कॉलेजों को नहीं चला सकती है तो इसे केंद्र सरकार को सौंप दें, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास विज्ञापन देने के लिए करोड़ों है लेकिन कॉलेज स्टाफ को सैलरी देने के लिए पैसे नहीं है। सिर्फ 1-2 स्कूल मॉडल का उल्लेख करना और दिखाना पर्याप्त नहीं है, सभी स्कूलों को एक ही पैटर्न पर काम करना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आजकल जनता से जुड़े मुद्दों पर झूठ बोलते रहते हैं, इसलिए उनके मंत्री भी झूठ बोल कर ही अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। अगर दिल्ली सरकार ने कॉलेजों के शिक्षण और गैर शिक्षण कर्मचारी को वेतन और गरीबी रेखा के नीचे आने वाले बच्चे जो प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं, शीघ्र ही उनकी फीस नहीं दी तो हम मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे।

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