लोक जनशक्ति पार्टी में टूट, पांच सांसदों के लोक सभा अध्यक्ष से मिलने की संभावना

लोक जनशक्ति पार्टी में चिराग पासवान के खिलाफ बगावत हो गई है। उनके चाचा पशुपति कुमार पारस की अगुवाई में छह में से पांच सांसद अलग हो गए हैं। पांचों बागी सांसद आज लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने वाले हैं। पार्टी में इस टूट से लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अकेले पड़ गए हैं।

इस मामले में बिहार के हाजीपुर से सांसद पशुपति पारस ने कहा कि उन्होंने पार्टी को तोड़ा नहीं, बल्कि उसे बचाया है। उन्होंने कहा, ‘यह मजबूरी में लिया गया फैसला है, हम भाईयों में अटूट प्यार था, पार्टी ठीक से चल रही थी, लेकिन हमारे भाई (राम विलास पासवान) चले गए और मैं अकेला महसूस कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि पार्टी के 99 फीसदी कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और समर्थक सभी बिहार के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन का हिस्सा बने रहना चाहते थे, लेकिन उनकी भावनाओं की अनदेखी करके गठबंधन को तोड़ दिया गया है। हालांकि, पशुपति पारस ने कहा कि चिराग पासवान से कोई शिकायत नहीं है, वे पार्टी में रहें कोई दिक्कत नहीं है।

गौरतलब है कि 2019 में चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने अगले साल बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी को एनडीए से अलग कर लिया था। लेकिन इस चुनाव में पार्टी को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था। उसका केवल एक प्रत्याशी ही जीत पाया था, जो अब जदयू का हिस्सा है।

इस बीच चिराग पासवान अपने नाराज चाचा पशुपति पारस को मनाने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। लेकिन यहां उन्हें काफी देर तक दरवाजा खुलने के लिए इंतजार करना पड़ा। लोजपा के नाराज सांसदों में चिराग पासवान के चाचा के अलावा प्रिंस राज, चंदन सिंह, वीना देवी और महबूब अली कैसर शामिल हैं। ये सभी चिराग के काम करने के तरीके से नाखुश बताए जा रहे हैं।

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