बैंकों के साथ मिलकर केंद्र सरकार बढ़ाएगा पीएम एसवीएनिधि

पीएम एसवीएनिधि

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की योजना है कि वह प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम एसवीएनिधि) योजना का विस्तार करे। इसके लिए वह इसका विभिन्न बैंकों के साथ एकीकरण करने की तैयारी में है, इसमें निजी बैंक भी शामिल हो सकते हैं।

इस योजना के हिस्से के रूप में आवास और शहरी मामलों के अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद है कि योजना के जरिए ऋणों की मंजूरी और संवितरण में आसानी और तेजी लाने के लिए विभिन्न बैंकों के साथ पीएम एसवीएनिधि पोर्टल को जोड़ा जाएगा।

इस बारे में मंत्रालय इसी महीने के आखिर तक सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ परामर्श करने की योजना बना रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा ले सकें। इसके लिए मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने पीएम एसवीएनिधि और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पोर्टल के बीच एकीकरण करने के लिए एक एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) भी शुरू कर दिया है।

यह एकीकरण पीएम एसवीएनिधि पोर्टल और एसबीआई के ई-मुद्रा पोर्टल के बीच ऋण के लिए आसानी से आवेदन करने और पाने की प्रक्रिया को आसान करेगा। इससे सड़क किनारे छोटे-मोटे काम-धंधे करने वाले लोगों को वर्किं ग कैपिटल पाने में आसानी होगी। मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, “मंत्रालय अन्य बैंकों के साथ भी इसी तरह के एकीकरण के बारे में विचार करेगा, इसके लिए जल्द ही एक सलाहकार बैठक होगी।”

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 1 जून, 2020 से पीएम एसवीएनिधि योजना लागू की है। इसका मकसद उन लोगों को आजीविका पाने में मदद देना है, जिनका रोजगार कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से प्रभावित हुआ था। इस योजना का लक्ष्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के करीब 50 लाख लोगों को लाभ पहुंचाने का है।

योजना के तहत विक्रेता 10,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी का ऋण ले सकते हैं, जिसे उन्हें एक वर्ष में मासिक किस्तों के जरिए चुकाना होगा। 6 अक्टूबर तक पीएम एसवीएनिधि योजना के तहत 20.50 लाख से अधिक ऋण आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 7.85 लाख से अधिक मामलों को मंजूरी दी जा चुकी है और 2.40 लाख से अधिक मामलों में राशि भी वितरित कर दी गई है।

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