सरकारी खरीद नियम में बदलाव से ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी मजबूती: निर्मला सीतारमण

नयी दिल्ली. सरकार ने कहा है कि घरेलू कारोबारियों को प्रोत्साहित करने तथा ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खरीद के लिए सामान्य वित्तीय नियम-जीएफआर के नियमों बदलाव किया है जिसका सीधा फायदा देश के सामान्य कारोबारियों को मिलेगा।

लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में सोमवार को बताया कि यदि 200 करोड़ रुपए से कम की खरीद की जानी है तो उसमें अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को शामिल नहीं करने का सरकार ने फैसला लिया है। उनका कहना था कि इसके नियम में बदलाव किया गया है जिसका सीधा फायदा देशी कारोबारियों को होगा और सरकार की मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन करने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने निवेशक चार्टर बनाया है और इसके कारण निवेशक उत्साहित हो रहे हैं। सरकार ने महामारी के दौरान भी प्रोत्साहन को जारी रखा है जिसके तहत 4.1 लाख करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में सूक्ष्म, अतिसूक्ष्म और छोटे उद्योगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और इसके लिए सरकार ने पिछले दो साल के दौरान कई उपाय किये हैं। सरकार ने 10 प्रमुख क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश की विनिर्माण क्षमताआं और निर्यात को बढाने की पहल शुरू की है। इन क्षेत्रों में आटोमोबाइल और आटो घटक, दूरसंचार और नेटवर्किंग, कपड़ा उत्पादन आदि शामिल है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि विभिन्न कंपनियां आईपीओ ला रही हैं और उनमें उत्साह से निवेश हो रहा है। उनका कहना था कि 2020-21 में 61 कंपनियां आईपीओ लेकर आईं जबकि 2021-22 में 67 कंपनियां आईपीओ लेकर आई हैं जिनमें 67 एमएसएमई की कंपनियां थीं।

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