छत्तीसगढ़ : नक्सलियों से मुठभेड़ में 22 जवान शहीद, 31 घायल, सर्च ऑपरेशन जारी

छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान 22 जवान शहीद हो गए जबकि 31 अन्य जवान घायल हुए हैं। मामला बीजापुर और सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र का है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव बरामद किया है। मुठभेड़ में अभी भी 15 जवानों के लापता होने की खबर सामने आई है।

रिपोर्टस के मुताबिक आज सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। घायल जवानों में से 23 को बीजापुर में एडमिट करवाया गया है जबकि 7 को रायपुर ले जाया गया है। ये जानकारी छत्तीसगढ़ पुलिस ने दी है। एनकाउंटर में 9 नक्सिलयों के मारे जाने की भी खबर है।

इससे पहले, राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के पुलिस उप महानिरीक्षक शनिवार को कहा कि शुक्रवार की रात बीजापुर और सुकमा जिले से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन, डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में बीजापुर जिले के तर्रेम, उसूर और पामेड़ से तथा सुकमा जिले के मिनपा और नरसापुरम से लगभग दो हजार जवान शामिल थे।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर सुकमा जिले के जगरगुंड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोनागुड़ा गांव के करीब नक्सलियों की पीएलजीए बटालियन तथा तर्रेम के सुरक्षा बलों के मध्य मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ तीन घंटे से अधिक समय तक चली। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान, बस्तरिया बटालियन के दो जवान तथा डीआरजी के दो जवान (कुल पांच जवानों) शहीद हुए हैं। इस दौरान 30 जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों में से सात जवानों का रायपुर के अस्पताल में तथा 23 जवानों का इलाज बीजापुर के अस्पताल में किया गया है।

आपको बता दें कि इस साल 23 मार्च तारीख को नक्सलियों ने नारायणपुर जिले में बारूदी सुरंग में विस्फोट कर बस को उड़ा दिया था। इस घटना में बस में सवार डीआरजी के पांच जवान शहीद हो गए थे। पीएम मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुठभेड़ में पांच जवानों की शहादत पर दुख व्यक्त किया है।

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