मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुरोहितों ने किया कड़ा विरोध, गंगोत्री में बाजार हुआ बंद

देहरादून/रुद्रप्रयाग/गंगोत्री। उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ चार धामों सहित लगभग 54 देवस्थानों के लिये राज्य की वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा प्रबंधन परिषद बनाये जाने के कारण आंदोलनरत लोगों ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री को केदारनाथ धाम में दर्शन करने से रोक दिया, वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और एक कैबिनेट मंत्री का डेढ़ घंटे तक घेराव किया। इतना ही नहीं, गंगोत्री धाम में बाजार बंद रखे।

मुख्यमंत्री

देवस्थानम बोर्ड भंग नहीं होने से चारों धाम के तीर्थ पुरोहितों में लगभग दो वर्षों से भारी गुस्सा है। वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की उपयोगिता के सम्बंध में विचार के लिये पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी कर दिया। श्री धामी द्वारा खुद आंदोलनकारियों को 30 अक्तूबर तक उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था। इसका कोई परिणाम न आने पर आंदोलनकारियों ने रविवार को कड़े विरोध का फैसला कर लिया। इसी क्रम में, सोमवार को केदारनाथ पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र का तीर्थ पुरोहितो समाज ने कड़ा विरोध किया। उनको तथा उनके साथ गये देहरादून नगर निगम के महापौर सुनील उनियारा गामा को संगम स्थित पुल से आगे नहीं जाने दिया गया। तीर्थपुरोहित एवं हक-हकूकधारियों ने इस दौरान खूब नारेबाजी की और उनका जमकर विरोध किया। जिसके बाद श्री त्रिवेंद्र गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में चले गए।

इसके कुछ समय बाद ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक व कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत भी केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्हें भी तीर्थ पुरोहितों का विरोध झेलना पड़ा। आंदोलनकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक इनका घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद,  उन्होंने धाम में दर्शन किए।

राज्य सरकार के आश्वासन के बाद भी देवस्थानम बोर्ड व एक्ट वापस नहीं होने पर तीर्थ पुरोहितों ने आज गंगोत्री में बाजार बंद रखे है। गंगोत्री धाम में भी पूजा सामग्री सहित अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं।  इस दौरान तीर्थ पुरोहितों नारेबाजी करते हुए रैली भी निकाली।

गंगोत्री धाम में नियमित पूजा-पाठ और दर्शन सामान्य दिनों की तरह ही हो रहे हैं। केवल भागीरथी घाट पर पूजा संपन्न कराने वाले पुरोहितों ने विरोध स्वरूप पूजा बंद की हुई है। पूजा प्रसाद की दुकानें बंद होने से तीर्थयात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि पांच नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना करने का कार्यक्रम है।

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