चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस : सीबीआई को बेल्जियम की साइट पर मिला था अश्लील वीडियो

बांदा। चित्रकूट में सिंचाई विभाग में तैनात जेई राम भवन अब तक न सिर्फ 50 बच्चों का यौन शोषण कर चुका है बल्कि उनके वीडियो बनाकर विदेशों में बेचता था। इससे संबंधित पोर्न वीडियो सीबीआई ने बेल्जियम की एक साइट पर देखा था और इसी के आधार पर सीबीआई जेई को दबोचने में सफल रही। अगर स्थानीय पुलिस ने इस मामले में सक्रियता दिखाई होती तो वह पहले ही पकड़ में आ जाता।

सीबीआई

सूत्र बताते हैं कि, 2012 में चित्रकूट राजापुर के एक गांव में यह जिस घर में रहता था उस घर की बच्ची ने आत्महत्या कर ली थी। तब इस जेई ने रुपये खिलाकर मामला दबा दिया। लेकिन युवती के परिजन कोर्ट तक गए और वहाँ से भी यह मामला सीबीआई तक पहुँचा। इसी बीच सीबीआई की ऑनलाइन क्राइम शाखा को तीन महीने पहले बेल्जियम की एक साईट पर इसका वीडियो मिला। जिसके आधार पर सीबीआई छानबीन करते हुए प्रयागराज पहुँची। सीबीआई ने इस बीच नीरज यादव को गिरफ्तार किया और उसी की निशानदेही पर जेई राम भवन तक पहुंची।

परिवार ने किया किनारा

राम भवन बांदा जिले के नरैनी के खरौंच गांव का रहने वाला है। इस परिवार ने गांव से आकर नरैनी के अतर्रा रोड स्थित पावर हाउस के निकट घर बना लिया है। इस घर में रामभवन के बड़े भाई रामप्रकाश और राजा रहते हैं। पिता चुन्ना प्रसाद की मृत्यु हो चुकी है। गत दिवस उसके भाई सपरिवार घर में मौजूद थे पर पुकारने पर नहीं निकले। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह से ही घर में चहल-पहल नहीं है। संभवतः उन्हें रामभवन की गिरफ्तारी की जानकारी हो गई है। वे किसी से बात करने के इच्छुक नही हैं। रामभवन की गिरफ्तारी की सूचना सार्वजनिक होने के बाद उसकी पत्नी दुर्गावती ने कर्वी स्थित किराए के घर में खुद को बंद कर लिया था लेकिन आज बांदा में पैरवी करने पहुंची। जेई की उम्र करीब 45 साल है। विभागीय लोगों के मुताबिक रामभवन की तैनाती कर्वी में 2009-10 में हुई थी। उसकी शादी 2004 में दुर्गावती देवी के साथ हुई थी।

सीबीआई टीम राम भवन को 14 दिन पहले पकड़ा

पहली बार 3 नवंबर को चर्चा में आया, जब सीबीआई की गाजियाबाद शाखा की टीम ने छापा मारा। टीम चार दिन तक चित्रकूट में डेरा डाले रही। पहले दिन सीबीआई अफसरों ने सिंचाई विभाग निर्माण खंड में तैनात सहायक अभियंता राम प्रसाद से जूनियर इंजीनियर रामभवन के बारे में जानकारी ली। उन्हीं के माध्यम से राम भवन को बुलवाया। उसके ड्राइवर अभय को भी पकड़ा। दोनों से पूछताछ की। अगली सुबह टीम ने मंदाकिनी पुल के पास सिंचाई विभाग की कालोनी पहुंच कर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली।

विभागीय लोगों में चर्चा थी कि आठ साल पहले एक महिला की खुदकुशी के मामले में पूछताछ हो रही है। लेकिन अगले दिन चर्चा फैली कि मामला अश्लील वीडियो इंटरनेट पर अपलोड करने का है। चार नवंबर की शाम तमाम कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद सीबीआई टीम राम भवन को लेकर चित्रकूट से रवाना हो गई थी।

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