नृत्य के माध्यम से बच्चों ने बताया पंचमहाभूतों का महत्व

हरिद्वार स्थित डीएवी सेन्टेनरी पब्लिक स्कूल में चल रहे त्रिदिवसीय वैदिक चेतना सम्मेलन के तीसरे दिन बच्चों ने आर्य समाज के प्रवर्तक स्वामी दयानन्द सरस्वती, डीएवी के संस्थापक महात्मा हंसराज व आर्य समाज की अन्य विभूतियों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उनके जीवन को नई दिशा देने वाले वेदों का ज्ञान देने के लिए धन्यवाद करते हुए एक सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पंचमहाभूत की महत्ता को सुन्दर नृत्य नाटिका द्वारा प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने नृत्य द्वारा दर्शाया कि मानव शरीर पृथ्वी, वायु, अग्नि, जल एवं आकाश इन पंचमहाभूतों से निर्मित है। जब आत्मा का परमपिता परमात्मा से मिलाप होता है तो यह मानव शरीर इन्हीं पंचमहाभूतों में विलीन हो जाता है, किन्तु आत्मा जो परमात्मा का अंश है उसी में समाहित हो जाती है। मंच संचालन कक्षा ग्यारह की मेघा राठी ने किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रमुख कार्यवाहक प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल ने वेद और वैदिक धर्म का महत्व बताते हुए विद्यालय में हो रहे क्रिया कलापों से अवगत कराया। उन्होंने सभी अध्यापकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान देने के लिए धन्यवाद दिया।

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