बातचीत की आड़ में चीन फिर दे रहा धोखा, अक्साई चिन में बंकरों और सड़कों का निर्माण किया तेज

नई दिल्ली। चीनी सेना ने भारत के साथ बातचीत की आड़ में अपने कब्जे वाले अक्साई चिन में बंकर और सड़कों का निर्माण तेज किया है। इसी तरह दौलत बेग ओल्डी और काराकोरम दर्रे के पास एक माह में भारी सैन्य जमावड़ा किया है। इसीलिए चीन के साथ सैन्य वार्ताओं में एलएसी पर गतिरोध खत्म होने की बनी संभावनाओं के बावजूद भारत अपनी तरफ से कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। सेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख लगातार देश की सीमाओं का दौरा करके परिचालन स्थितियों और सेना की तैनाती की समीक्षा कर रहे हैं।

चीन

चीन सीमा पर तैनात वायु योद्धाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने गुरुवार को देश के पूर्वी हिस्सों में हवाई ठिकानों का दौरा करके लड़ाकू स्क्वाड्रन की परिचालन तैयारियों की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अपाचे हेलीकॉप्टर में उड़ान भरकर वायु सैनिकों का मनोबल बढ़ाया। सैन्य वार्ताओं के जरिए निकट भविष्य में लद्दाख में हालात बदलने की संभावनाओं के बावजूद वायुसेना कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती है। इसीलिए वायुसेना मुखिया ने अपने वायु योद्धाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए सीमाओं की यात्रा जारी रखी है। उन्होंने सैनिकों के वास्तविक मुद्दों और जमीनी हालात जानने के लिए सैनिकों के साथ बातचीत की। देश के पूर्वी हिस्सों में हवाई ठिकानों की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान उन्होंने अपाचे हेलीकॉप्टर में उड़ान भी भरी।

लद्दाख में एलएसी पर पिछले 6 माह से दोनों देशों के सैनिकों को पीछे हटाने और तनाव को घटाने के लिए भारत और चीन के बीच 9वें दौर की सैन्य वार्ता बहुत जल्‍द ही होने वाली है। अब तक हुई वार्ताओं में दोनों देशों ने एक दूसरे को ‘सीक्रेट रोडमैप’ दिए हैं, जिन पर भारत-चीन का शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व मंथन कर रहा है। इस बीच बातचीत की आड़ में एक बार फिर चीन बडे़ धोखे की तैयारी कर रहा है। चीन की सेना पीएलए ने अपने कब्‍जे वाले अक्‍साई चिन इलाके में पिछले 30 दिनों में बड़े पैमाने पर सैनिकों को तैनात किया है। यहां बहुत तेजी के साथ सड़कों का भी निर्माण किया जा रहा है। यही नहीं चीन ने पैंगोंग झील के फिंगर 6 से 8 को जोड़ने वाली रोड को भी चौड़ा किया है ताकि किसी युद्धक कार्रवाई की सूरत में बहुत तेजी से चीनी सेना को भारतीय मोर्चे के पास तक पहुंचाया जा सके।

चीनी सेना की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि वह अक्‍साई चिन में लंबे समय तक डटे रहने की तैयारी कर रही है। साथ ही भारत के साथ बातचीत के बाद भी उस पर दबाव बनाए रखना चाहती है। पीएलए काराकोरम पास से 30 किमी. दूर समर लुंगपा और रेचिन ला के दक्षिण में स्थित माउंट साजूम में 10-10 बंकर बना रही है। इस बीच दौलत बेग ओल्‍डी से 70 किमी. पूर्व में स्थित किजिल जिलगा में चीन ने अपने सैनिकों की तैनाती भी बढ़ाई है।

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