राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर छाए बादल, बारिश के साथ ओलावृष्टि के आसार

राजधानी

भोपाल: एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे उत्तर भारत पर सक्रिय है। इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बन गया है। इस वजह से हवा का रुख दक्षिण-पूर्वी और पश्चिमी हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर गुरुवार सुबह से बादल छाए हुए है। बादल छाने से अधिकतम और न्यूनतम तापामान में बढ़ोतरी होने लगी है।

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मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में बारिश की भी संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका है। शुक्रवार को पश्चिमी मप्र में भी बरसात होने के आसार हैं।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इससे राजस्थान में चक्रवातीय विकसित हो गया है। इस घेरे को अरब सागर से नमी मिल रही है। हवा का रुख उत्तर पश्चिमी की वजाए दक्षिण से हो गया है। हवा का रुख बदल जाने से पिछले तीन दिनों लगातार तापमान में इजाफा हो रहा है। गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाने के आसार हैं। साथ ही ग्वालियर-चंबल, भोपाल संभाग के जिलों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। शुक्रवार को पूर्वी मप्र के जबलपुर, शहडोल संभाग में कहीं-कहीं बरसात हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने पर सात फरवरी से एक बार फिर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने लगेगी।

चंबल संभाग में ज्यादा असरदार

जम्मू कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर की ओर बढ़ गया है। इसका उत्तर प्रदेश पर ज्यादा असर रहेगा। इस कारण भिंड-मुरैना में ज्यादा असर ज्यादा रहेगा।

-ग्वालियर में दिन में बादल छाएंगे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी के आसार रहेंगे। 5 फरवरी को आसमान साफ हो जाएगा। हवा में नमी आ जाने से कोहरा छाने के आसार हैं।

-पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद हवा का रुख उत्तर से पश्चिमी होगा, उसके बाद ठंड का एक दौर और आएगा।

ग्वालियर में बूंदाबांदी के आसार हैं, लेकिन चंबल संभाग में गरज चमक के साथ बारिश होगी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के आसार हैं। तेज हवा भी चल सकती है।

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