सीएम योगी आदित्यनाथ का निर्देश, हर जिले में बने 100 बेड का पोस्ट कोविड वॉर्ड

कोविड के संक्रमण से स्वस्थ हुए लोगों की सेहत आगे भी ठीक रहे, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट कोविड देखभाल पर जोर दे रहे हैं. करीब तीन हफ्ते पहले ही उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में पोस्ट कोविड केयर सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में गुरुवार को बस्ती जिले में निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी जिलों में 100 बेड का पोस्ट कोविड वॉर्ड शुरू करने का निर्देश दिया।

बस्ती मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलो में 01 जून से 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा, 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों, न्यायिक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और मीडिया के प्रतिनिधियों को टीका लगाने के लिए अलग से काउंटर खोले जायेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जनप्रतिनिधियों से एक-एक सीएचसी/पीएचसी गोद लेने और वहां पर नियमित रूप से निरीक्षण करने की अपील की। इसके साथ अधिकारियों को निर्देश दिया कि टीकाकरण, सैनिटाइजेशन और फागिंग की सूचना जनप्रतिनिधियों को दी जाए, जिससे वे इसका सत्यापन कर सके।

मुख्यमंत्री ने बारिश को देखते हुए इंसेफेलाइटिस डेंगू, चिकुनगुनिया जैसी बीमारियों से सुरक्षा देने के लिए भी समुचित प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर गांव और वार्ड में दिन में सैनिटाइजेशन और रात में फागिंग किया जाए, मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने ग्रामीणों को खुले में शौच न करने तथा शौचालय का उपयोग करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को रोकने में सभी ने अच्छा कार्य किया है, लेकिन हमें सर्तक रहना होगा, यह एक महामारी है, इसलिए सामान्य बीमारी से इसकी तुलना करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को आक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी जिलों के लिए ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किया गया है, जिस पर काम चल रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक आक्सीजन प्लांट के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करें, जो कार्यदायी संस्था से समन्वय स्थापित करके इसको शीघ्र स्थापित कराएं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, सीएचसी/पीएचसी पर अभी ओपीडी शुरू नही की जाएगी, लेकिन जिला अस्पताल में नॉन-कोविड अस्पताल चलाकर गंभीर रोगों के मरीजों का इलाज किया जायेगा, जबकि अन्य लोग टेली कन्सल्टेन्सी के माध्यम से डाक्टरों से सलाह ले सकते हैं। इसके साथ महिला और बच्चों के लिए अलग से अस्पताल संचालित करने का भी निर्देश दिया।

अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए उन्होंने जिले के अस्पतालों में जिलाधिकारी और मेडिकल कालेज में वहां के प्रधानाचार्य को पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति का काम शुरू करने का निर्देश दिया। पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स को मेडिकल कालेज से संपर्क करके ट्रेनिंग दिलाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वेंटीलेटर संचालित करने के लिए आईटीआई के छात्रों को ट्रेनिंग देकर उनकी क्षमता का इस्तेमाल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कोरोना कर्फ्यू के नियमों का कड़ाई से पालन कराने को कहा। साथ ही कंटेनमेंट जोन में कड़ाई बरते जाने को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योग, कृषि, सब्जी मण्डी खोलने की अनुमति दी गयी है, लेकिन वहां बेवजह की भीड़ एकत्र नहीं होने दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शादी-विवाह में 25 से अधिक लोगों को जाने की अनुमति ना दें और इसका कड़ाई से पालन भी कराएं।

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