सीएम योगी ने लखनऊ में तत्काल दो हजार आईसीयू बेड की व्यवस्था के दिये निर्देश

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में तत्काल कम से कम दो हजार आईसीयू बेड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि इसके बाद एक सप्ताह के अंदर में दो हजार अतिरिक्त कोविड बेड का प्रबन्ध भी किया जाये। उन्होंने जिलाधिकारी लखनऊ को जनपद के सभी कोविड अस्पतालों में आक्सीजन की निरन्तर आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिये हैं।

मुख्यमंत्री योगी शनिवार शाम यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में जनपद लखनऊ में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एरा मेडिकल काॅलेज, टीएस मिश्रा मेडिकल काॅलेज तथा इण्टीग्रल मेडिकल काॅलेज को पूर्ण रूप से डेडीकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित किया जाए। बलरामपुर अस्पताल में 300 बेड का डेडीकेटेड कोविड अस्पताल रविवार यानि 11 अप्रैल को सुबह से कार्यशील किया जाए।

योगी ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, सचिव चिकित्सा शिक्षा को एरा मेडिकल कॉलेज, टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज तथा इण्टीग्रल मेडिकल कॉलेज में से एक-एक मेडिकल कॉलेज एवं स्वास्थ्य मंत्री को बलरामपुर चिकित्सालय का भ्रमण कर डेडीकेटेड कोविड अस्पताल बनाने की कार्यवाही को शीघ्र व प्रभावी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए कहा। उन्होंने डेडीकेटेड कोविड अस्पताल में परिवर्तित किये जा रहे तीनों मेडिकल कॉलेजों तथा बलरामपुर चिकित्सालय में ट्रेड मैनपावर की व्यवस्था के साथ ही, वेण्टीलेटर एवं एचएफएनसी की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद लखनऊ में संक्रमण की रोकथाम के लिए समग्र और प्रभावी ढंग से प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने लखनऊ में व्यापक काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए हुए कम से कम 30 से 35 लोगों को ट्रेस करते हुए इनका शत-प्रतिशत कोविड टेस्ट किया जाए। टेस्टिंग में संक्रमित मिलने वाले लोगों को होम आइसोलेशन अथवा अस्पताल में रखा जाए। इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेन्टर को एम्बुलेन्स सेवाओं से जोड़ा जाए। इससे मरीज को समय से एम्बुलेन्स उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने जनपद लखनऊ में प्रत्येक गांव तथा हर नगर निकाय के प्रत्येक वाॅर्ड में निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिये। मण्डलायुक्त लखनऊ को जनपद में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही व्यापक पैमाने पर कराने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, चौराहों सहित भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर यह कार्यवाही प्रभावी ढंग से संचालित की जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पुलिस, अग्निशमन, आवास विकास, विकास प्राधिकरण का भी सहयोग लिया जाए।

धर्म स्थलों में पांच से अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश की अनुमति नहीं

पुलिस आयुक्त लखनऊ को पब्लिक एड्रेस सिस्टम को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म स्थलों में 05 से अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश की अनुमति न दी जाए। बाजारों में व्यापारियों से संवाद बनाकर उनका सहयोग लेते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। मास्क का प्रयोग न करने वालों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्यवाही की जाए। यह कार्यवाही सद्भावपूर्ण एवं प्रेरक होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में कंटेनमेन्ट जोन में आवागमन को प्रतिबन्धित किया जाए। एक संक्रमित मरीज से 25 मीटर की रेडियस में तथा एक से अधिक संक्रमित मरीजों की स्थिति में 50 मीटर रेडियस का कंटेनमेन्ट जोन बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस, स्वास्थ्य तथा स्वच्छता कर्मी आवश्यक रूप से मास्क और ग्लव्स का प्रयोग करें। कंटेनमेन्ट जोन में पीपीई किट का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश सी अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे, मण्डलायुक्त लखनऊ रंजन कुमार, पुलिस आयुक्त लखनऊ डीके ठाकुर, जिलाधिकारी लखनऊ अभिषेक प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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