ऑक्सीजन प्लांट अधूरा देख नाराज हुए सीएम योगी, यूपी को ऑक्सीजन में आत्मनिर्भर बनाने का है लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे प्रदेश का भ्रमण करके कोरोना वायरस की दूसरी लहर से निपटने की व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में वे शनिवार को इटावा के सैफई में बने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्याल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने यहां पर लगाए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट का काम समय पर पूरा न होने पर नाराजगी जताई। 1000 लीटर प्रति मिनट की उत्पादन क्षमता वाले इस ऑक्सीजन प्लांट का काम 18 मई तक पूरा होना था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऑक्सीजन प्लांट का काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब प्रदेश को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है। सीएम के निर्देश के बाद प्रदेश में युद्ध स्तर पर 485 ऑक्सीजन प्लांट में से 290 ऑक्सीजन प्लांट को लगाने का काम चल रहा है, जबकि 167 ऑक्सीजन प्लांट्स के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।

सीएम योगी की पहल पर प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। सीएम योगी ने निजी मेडिकल कॉलेजों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे निजी मेडिकल कॉलेज, जिन्हें सरकार की ओर से टेकओवर किया गया है, उनमें अगर ऑक्सीजन प्लांट नहीं है, उनमें ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा और इसकी प्रतिपूर्ति निजी मेडिकल कॉलेजों को को दी जाने वाली राशि से की जाएगी।

यूपी सरकार के मुताबिक, प्रदेश में ऑक्सीजन आडिट और साफ्टवेयर आधारित ट्रैकिंग के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। अभी सभी जिलों में ऑक्सीजन का पर्याप्त बैकअप है। मेडिकल कॉलेजों में भी ढाई दिन तक का ऑक्सीजन स्टोर है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 753 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को भी ऑक्सीजन दिया जा रहा है।

अभी प्रदेश में 25 ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं। पीएम केयर्स फंड से कुल 188 नए ऑक्सीजन प्लांट लगने हैं, जिनमें से पांच लग चुके हैं और 16 पर काम चल रहा है। इसके अलावा 167 प्लांट के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। राज्य सरकार की तरफ से 27, चीनी मिलों और आबकारी विभाग की ओर से 79, बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से 10, सांसद निधि से छह और विधायक निधि से 37, स्टेट डिजास्टर रीलिफ फंड (एसडीआरएफ) से 25 और पाथ की ओर से दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सीएसआर फंड से भी प्रदेश में 59 प्लांट लग रहे हैं, जिनमें तीन लग चुके हैं।

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