तुलसीदास की जन्म भूमि को लेकर फिर विवाद

डेस्क। गोस्वामी तुलसीदास की जन्म भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद पड़ा हो गया है। सीएम योगी ने बाल्मीकि जयंती के अवसर पर चित्रकूट में तुलसीदास की जन्म भूमि को राजपुर बताते हुए विकास कार्यों की घोषणा की थी। इसे लेकर सोरों के लोगों में आक्रोश है।

सोरों वासियों का कहना है कि सीएम योगी ने ने बिना तथ्यों के आधार पर गलत बयान दिया है। तुलसीदास की जन्म भूमि शूकर क्षेत्र सोरों में ही है। इसके प्रमाण मौजूद हैं। मुख्यमंत्री का बयान आने के बाद लोग पौराणिक तथ्य जुटाने में जुट गए हैं।

अखण्ड आर्यावर्त निर्माण संघ के अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कहा है कि पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक महाकवि संत तुलसीदास की जन्म भूमि शूकर क्षेत्र सोरों है।

इसी तरह श्री गंगा सभा के अध्यक्ष कैलाश चंद्र कटारे ने कहा है कि पौराणिक तथ्यों एवं अंग्रेजी शासन काल के लिखित दस्तावेजों के अनुरूप शूकर क्षेत्र सोरों में ही महाकवि संत गोस्वामी तुलसीदास का जन्म हुआ था। बताते चलें कि शूकर क्षेत्र सोरों पहले एटा का जनपद me था। मायावती शासन काल में कासगंज को अलग जिला बना दिया गया था।

Related Articles

Back to top button
E-Paper