सर्दियों में बढ़ेगी कोरोना की रफ्तार, जानें कैसे करें बचाव?

कोरोना

कोरोना महामारी के खत्म नहीं होने से विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।  संख्या घाट नहीं रही और साथ ही साथ सर्दी भी आ रही है। सर्दियों के साथ ज़ुखाम बढ़ने का खतरा भी बढ़ता है साथ ही इम्युनिटी भी काम होने लगती है। ऐसे में अब संक्रमण और बढ़ सकते है।  विशेषज्ञों का कहना है कि आनेवाले सर्दी के मौसम में कोविड-19 संक्रमण की दर बढ़ सकती है। इसके लिए सांस प्रणाली का संक्रमण सर्दी में बढ़ने की प्रवृत्ति

कोरोना के बढ़ रहे संक्रमण

देश में कोरोना वायरस को लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटे में 81,484 नए मामले सामने आए और 1,095 मरीजों की मौत हुई है। देश में पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 63,94,069 हो गई है, जिसमें 9,42,217 सक्रिय मामले, 53,52,078 रिकवर मामले और 99,773 मौतें शामिल हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार, 1अक्टूबर तक कोरोना वायरस के लिए कुल 7,67,17,728 सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से 10,97,947 सैंपल गुरुवार किए गए।

सांस की समस्या

वायरस का जन्मजात स्वभाव शुष्क हवा और ठंडी जलवायु में ज्यादा देर तक रहने का होता है।  इसलिए सर्दी में वायरस के फैलने का ज्यादा डर है। आद्रता भी बीमारी के फैलने की अनुकूल स्थिति होती है।  दूसरा कारण होता है सूर्य की रोशनी में कमी. जिससे शरीर में विटामिन डी लेवल गिर जाता है. विटामिन डी की कमी होने पर इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है।

सर्दी के लिए क्या क्या करना है हमें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सर्दी कोविड-19 के प्रसार को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।  जिसका परिणाम भवायह हो सकता है। उनकी चिंता कोविड वैक्सीन पर ज्यादा जोर देने के चलते कंपनियों की तरफ से फ्लू वैक्सीन के कम उत्पादन पर है। इसलिए अगर सर्दी में कोविड-19 से मुकाबला करना है तो खास रणनीति पर काम करना होगा। उनकी सलाह है कि दूसरी महामारी की लहर का मुकाबला करने के लिए कोविड-19 की टेस्टिंग को बढ़ाना चाहिए।  सोशल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। सबसे ज्यादा जरूरी है फेस मास्क या फेस कवर पहने बिना बाहर निकलने से बचें।

 

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