जुलाई तक रहेगी कोरोना की दूसरी लहर, तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा जोखिम : समिति

भारत में भीषण तबाही मचाने वाली कोरोना की दूसरी लहर के जुलाई तक रहने का अनुमान है। ये जानकारी भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से गठित वैज्ञानिकों के तीन सदस्यीय पैनल ने दी है। सदस्यों ने अनुमान लगाया है कि इस साल के जुलाई तक दूसरी लहर थम सकती है।

समिति में शामिल वैज्ञानिकों ने 6 से 8 महीने बाद कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई है। कोविड-19 संक्रमण संबंधी अनुमान करने के गणितीय मॉडल ‘सूत्र’ से जुड़े वैज्ञानिक एम. विद्यासागर ने कहा कि अगर देश में टीकाकरण अभियान को तेज नहीं किया गया और कोविड-19 से निपटने के लिए आवश्यक नियमों का पालन नहीं हुआ तो आगामी छह से आठ महीने में कोविड की तीसरी लहर आने की आशंका है। इस लहर में बच्चों के जद में आने का जोखिम ज्यादा बताया जा रहा है। इसकी वजह बच्चों का कोरोना टीकाकरण से बाहर होना है। हालांकि, बच्चों के लिए वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति दी जा चुकी है। लेकिन इसे अंतिम मंजूरी मिलने में अभी कई महीने लग सकते हैं।

इस बीच सिंगापुर में अब 12 से 15 साल तक के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाने की इजाजत दे दी गई है। बच्चों में बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन को बच्चों के टीकाकरण में इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

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